इन लोगों को नहीं मिलेगा मुख्यमंत्री की इस योजना का लाभ

भोपाल।

आदिवासियो को साधने के लिए सरकार द्वारा नए नए फैसले लिए जा रहे है, वही लागू योजनाओं में कटौती भी की जा रही है।  प्रदेश की कमलनाथ सरकार ने “मुख्यमंत्री मदद योजना” लांच की है, जिसके तहत आदिवासी परिवार में बच्चे के जन्म 50 किलोग्राम तथा परिवार के सदस्य की मृत्यु पर 100 किलोग्राम गेहूं और चावल सहायता प्रदान करने का प्रावधान किया गया था। लेकिन अब सरकार ने इस योजना के नियम जारी किए है, जिसके तहत तीसरा बच्चा होने पर इस योजना का लाभ नही मिलेगा।

जारी नियम के अनुसार, मुख्यमंत्री मदद योजना के तहत केवल दो बच्चों के जन्म तक ही अनाज दिया जाएगा। तीसरे या उससे ज्यादा बच्चे होने पर सरकार कोई अनाज उपलब्ध नही करवाएगी। बच्चों के जन्म पर पचास किलो और परिवार के सदस्य की मृत्यु पर सौ किलो गेहूं-चावल नि: शुल्क उपलब्ध करवाया जाएगा।  सरकार ने जो नियम जारी किए है, उसमें अब सरकार चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को भी इस योजना का लाभ मिलेगा, जिसके तहत उन्हें सरकार द्वारा पचास से सौ किलो तक नि: शुल्क अनाज दिया जाएगा। लेकिन तृतीय श्रेणी या उससे ऊपर के कर्मचारियों को इसका लाभ नही मिलेगा।

6 जिलों के आदिवासियों को मिलेगा चावल

मंडला, डिंडौरी, शहडोल, बालाघाट, अनूपपूर, उमरिया

14 जिलों के आदिवासियों को मिलेगा गेहूं

झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, धार, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, रतलाम, होशंगबाद, बैतूल, सीधी, सिवनी, छिंदवाड़ा, श्योपुर

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