जगत के पालनहार भगवान जगन्नाथ पड़े बीमार, ऐसे किया उपचार

रीवा| जगत के पालन हार भगवान जगन्नाथ स्वामी बीमार हो गए हैं| सुनने में जरूर अजीब लगता है कि दुनिया भर के लोग बीमारी में जिन भगवान् से स्वस्थ होने की कामना करते हैं वो खुद भी कभी बीमार पड़ जाते हैं, सुनकर भले ही अजीब लगे लेकिन इस संसार में भगवान भी बीमार हो जाते है। प्रदेश के रीवा शहर के लक्ष्मण बाग स्थित मंदिर में भगवान जगन्नाथ इन दिनों काफी दिनों से बीमार चल रहे है। इस मौसम में एक जगह नहीं बल्कि कई जगह जगन्नाथ भगवान बीमार हो गए हैं। 

लगभग डेढ़ सौ वर्ष पूर्व से प्रचलित परंपरानुसार भगवान जगन्नाथ पंद्रह दिन की अस्वस्थता के बाद स्वस्थ होने पर महास्नान उपरांत रीवा नगर वासियों की कुशलता ज्ञात करने बांधवगददी इष्ट देवता राजाधिराज के साथ नगर भ्रमण हेतु आषाढ़ शुक्ल दिव्तीय गुरुवार 4 जुलाई को लक्ष्मण बाग से रथ यात्रा पर निकलेंगे। इस दौरान आज नगर के प्रसिद्ध वेद ओम प्रकाश पंसारी द्वारा दवा दी गई, वहीं मानस मंडल के अध्यक्ष अनुपम तिवारी द्वारा रीवा नगर वासियों को अपना आशीर्वाद देने नगर भ्रमण के लिए आमंत्रण भी दिया गया| यात्रा लक्ष्मण बाग से निकलेगी जो पूरे नगर में भ्रमण करते हुए मानस भवन पहुंचेगी, जहां भगवान् रात्रि विश्राम करेंगे| वही सुबह मानस भवन में प्रसाद वितरण के बाद वापस अपने घर लक्ष्मणबाग यात्रा जाएगी।

यह है मान्यता 

ये परंपरा प्राचीनकालीन से है और हर साल भगवान बीमार होते हैं और बीमार भगवान को इलाज के रूप में ठंडई दी जाती है, जिससे उनके शरीर का ताप कम हो और वे जल्दी स्वस्थ्य हो सके| ऐसी मान्यता है कि भगवान जगन्नाथ स्वामी का ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा तिथि पर प्राकट्योत्सव मनाया जाता है और इस दिन 108 घड़ा के पानी से भगवान को महास्नान कराया गया था। इस स्नान के बाद भगवान बीमार हो गए और उनका 15 दिनों तक वैद्य के द्वारा जड़ी-बूटी से इलाज किया गया था। जिसके बाद वे स्वस्थ हो पाए।

राज परिवार ने बनवाया था मंदिर 

लक्ष्मणबाग में भगवान जगन्नाथ स्वामी का मंदिर रीवा राज परिवार द्वारा तैयार करवाया गया था और पूरी से भगवान की प्रतिमा रीवा के लक्ष्मणबाग में लाकर स्थापित की गई थी। यही वजह है कि इस मंदिर को लेकर भक्तों की विशेष आस्था है।

 rewa



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