MP की इस मासूम ने PM मोदी को भेजी राखी, कविता लिखकर दी कश्मीर के लिए बधाई

ग्वालियर। अतुल सक्सेना|  इस बार देश की आजादी का दिन 15 अगस्त और रक्षाबंधन दोनों एक साथ होने से अनोखा संयोग बन रहा है। इस अनौखे संयोग को और खूबसूरत बनाया है ग्वालियर की 6 साल की मासूम मंत्रिता शर्मा ने । मंत्रिता ने अपने देश प्रेम को व्यक्त करते हुए देश की रक्षा करने वाले जवान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राखी भेजी है। खास बात ये है कि नन्हीं मंत्रिता ने पीएम मोदी को एक कविता भी समर्पित की है जिसमें उसने अपनी देश प्रेम की भावना के साथ मोदी जी द्वारा धारा 370 और 35 A हटाये जाने पर उन्हें बधाई दी है। 

नाटकों में रानी लक्ष्मीबाई के बचपन का पात्र निभाने वाली मासूम मंत्रिता शर्मा को देशप्रेम संस्कार के रूप में बचपन से अपनी मां से ही मिला हैं । मां एकात्मता शर्मा नन्हीं मंत्रिता को बचपन से वीर गाथाएं सुनाती रहीं है। वे बताती हैं कि मंत्रिता  के कोई सगा भाई नहीं है इसलिये वो सैनिकों को ही अपना भाई मानती है । 2 साल की उम्र से ही वो सैनिको को राखी भेज रही है। मंत्रिता कहती है कि मेरा भाई होता तो वो मेरी रक्षा करता लेकिन सैनिक भाई तो देश की सभी बहनों सहित देशवासियों की रक्षा करते हैं। इस बार भी उसने सैनिकों के लिए रक्षा सूत्र रोली चावल सब इकठ्ठा कर भेजे हैं । मंत्रिता कहती है कि इस बार मैंने सैनिकों के अलावा मोदी जी को भी राखी भेजी है क्योंकि उन्होंने जम्मू कश्मीर से धारा 370 और 35A हटाकर नफरत की दीवार गिराकर दुश्मनो से हमारी रक्षा की है। उसने पीएम मोदी के साहस से प्रभावित होकर एक कविता भी तिरंगे की शक्ल में बनाये ग्रीटिंग पर लिखकर उन्हें भेजी है। 


मंत्रिता ने जो कविता लिखी है उसमें उसने अपने देशप्रेम और पीएम मोदी  के साहस की प्रशंसा है। 

भारत माता के मस्तक पर,घाव बहुत ही गहरा था ।

काश्मीर की हर क्यारी पर, कुछ। स्वानों का पहरा था।।

स्वान भौंककर डरा रहे थे, वीर नींद में सोए थे।

इस निद्रा के कारण ही हमने, वीर हजारों खोए थी।।

बर्फानी बाबा के दर्शन,थे अबतक आसान नहीं।

क्या हम पंगु हैं,क्या ये अपना हिंदुस्तान नहीं।।

पहुंची जब ये पीड़ा अपनी,भारत मां का लाल उठा।

अपना असली रूप दिखाने, ले त्रिशूल महाकाल उठा।।

कर दी ध्वस्त 370 ,जो दीवार  बनाती थी।

उसके हरेक शब्द पंक्ति में, बू नफरत की आती थी।।

35 A का भी संहार किया,अब ये अच्छे दिन हैं।

बच्चा बच्चा बोल उठा, मोदी है तो मुमकिन है।।

मिटा दिया नासूर देह से, भारत मां हर्षाई है।

वन्दे मातरम वन्दे मातरम स्वीकार करो बधाई है।।

मंत्रिता की यह पहल उसके देश प्रेम औऱ सैनिकों के प्रति सम्मान की प्रेरणा देती है। उसका मानना है कि वो भारत माता की बेटी है और रक्षा करने वाले सैनिक भारत माता के बेटे है, इस लिहाज से सैनिक ही उसके भाई और रक्षक की तरह है। वो मोदी के साहस से प्रभावित होकर नन्हीं उम्र में ही उनकी प्रशंसक बन गई है । नन्हीं मंत्रिता स्कूल व अन्य देश भक्ति के कार्यक्रमों  में भी रानी लक्ष्मीबाई  के बचपन की भूमिका निभाकर देशप्रेम के नाटकों में अभियन करती है। रानी लक्ष्मीबाई जैसा हौसला और इतनी सी उम्र में इतनी बड़ी सोच रखने वाली नन्हीं मंत्रिता को हम भी सलाम करते हैं।