रिश्वतखोर क्लर्क को चार साल की सजा और तीस हजार का जुर्माना

ग्वालियर । जिला न्यायालय की भ्रष्टाचार निरोधी कोर्ट ने असिस्टेंट रजिस्ट्रार फर्म एंड सोसायटी के क्लर्क श्रीनिवास त्यागी को रिश्वत लेने के आरोप में 4 साल के सश्रम कारावास की सजा से दंडित किया है वहीं उस पर 30 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है।

जानकारी के अनुसार भिंड के मिहोना में रहने वाले राम शंकर तोमर एक स्कूल संचालित करते हैं इसके लिए उन्होंने एमएस तोमर नामक सोसायटी बना रखी है। 2013 में समिति में शामिल कुछ लोगों ने समिति के कोषाध्यक्ष और दूसरे पदाधिकारी बदल दिए जब इसकी जानकारी सचिव राम शंकर तोमर को लगी तो उसने फर्म एंड सोसायटी के असिस्टेंट रजिस्ट्रार जीएम कुरैशी से संपर्क साधा । जीएम कुरैशी ने तोमर को क्लर्क श्रीनिवास त्यागी से संपर्क करने को कहा । मामला जानकारी में आने के बाद क्लर्क श्रीनिवास त्यागी ने राम शंकर तोमर के मुताबिक सोसाइटी को रजिस्टर्ड करने की एवज में पांच लाख रुपए रिश्वत की मांग की। लेकिन बात ढाई लाख रुपए में तय हो गई। रिश्वत की पेशगी के रूप में 30000 रुपए देने के लिए राम शंकर तोमर ने क्लर्क त्यागी को बुलाया दोनों के बीच बातचीत में विश्वविद्यालय के पिछले गेट पर मिलना तय हुआ जहां लोकायुक्त पुलिस का जाल बिछा हुआ था रिश्वत की रकम लेते ही श्रीनिवास त्यागी को ट्रैप कर लिया गया । उसके खिलाफ विशेष अदालत में मुकदमा चलाया गया । आज शुक्रवार को अदालत ने त्यागी को दोषी पाते हुए उसे 4 साल की सजा से दंडित किया है और 30000 रुपए का जुर्माना भी लगाया है आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

"To get the latest news update download tha app"