समिति की रिपोर्ट के बाद होगा आउटसोर्स कर्मियों का फैसला

भोपाल। बिजली कंपनियों में आउटसोर्स पर काम करने वाले कर्मचारियों की भोपाल में शक्ति प्रदर्शन के बाद राज्य सरकार बैकपुट पर आ गई है। ऊर्जा मंत्री प्रियव्रत सिंह ने इन कर्मचारियों की समस्या को लेकर एक समिति का गठन कर दिया है। समिति की रिपोर्ट आने पर कर्मचारियों को बिजली कंपनियों में नौकरी पर रखने अथवा नहीं रखने का फैसला होगाा। 

आउटसोर्स कर्मचारी संगठन के पदाधिकारियों से चर्चा में ऊर्जाा मंत्री प्रियव्रत सिंह ने कहा कि समिति संगठन के पदाधिकारियों से भी चर्चा करेगी। उन्होंने कहा कि आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से कार्यरत कुशल, अकुशल कार्मिकों की कार्य के दौरान विद्युत दुर्घटना से मृत्यु पर उनके परिजन को 4 लाख रुपए देने का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि 60 प्रतिशत से अधिक विकलांगता पर 2 लाख और 40 प्रतिशत से 60 प्रतिशत तक की विकलांगता पर 59 हजार 100 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। सभी आउटसोर्स कार्मिकों का बीमा करवाया जायेगा, जिससे उन्हें बीमारी के दौरान आर्थिक संकट न हो। वर्ष में 15 दिन के अवकाश का भी प्रावधान किया जायेगा। सुरक्षा उपकरण, वर्दी और आई कार्ड भी दिये जायेंगे। इनकी ट्रेनिंग भी करवाई जायेगी, जिससे दुर्घटनाओं में कमी आये। प्रशिक्षित कार्मिक को ही बिजली के खम्भे पर चढऩे की अनुमति होगी। वर्ष में 15 दिन के अवकाश का भी प्रावधान किया जायेगा। सुरक्षा उपकरण, वर्दी और आई. कार्ड भी दिये जायेंगे। इनकी ट्रेनिंग भी करवाई जायेगी, जिससे दुर्घटनाओं में कमी आये। 

"To get the latest news update download tha app"