2011 वर्ल्ड कप के 'हीरो' युवराज सिंह ने क्रिकेट को कहा अलविदा

खेल डेस्क: भारत के विस्फोटक बल्लेबाज और 2007 टी-20 वर्ल्ड कप और 2011 क्रिकेट वर्ल्ड कप में ख़ास भूमिका निभाने वाले युवराज सिंह ने क्रिकेट को अलविदा कह दिया| युवराज सिंह सोमवार को इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी है| युवराज ने कहा कि यह उनके लिए काफी भावनात्मक पल है और उनका करियर एक रोलर-कोस्टर की तरह रहा है. युवराज ने कहा कि वह काफी समय से रिटायरमेंट के बारे में सोच रहे थे और अब उनका प्लान आईसीसी द्वारा मान्यता प्राप्त टी-20 टूर्नामेंट्स में खेलने का है|

युवराज सिंह ने भारत के लिए 40 टेस्‍ट, 304 वनडे और 58 टी20 इंटरनेशनल मैचों में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्‍व किया| भारतीय टीम को वर्ल्‍डकप 2011 में चैंपियन बनाने में युवराज का अहम रोल रहा| गेंद और बल्‍ले से शानदार प्रदर्शन करते हुए युवराज ने वर्ल्‍डकप 2011 के सर्वश्रेष्‍ठ खिलाड़ी होने का श्रेय हासिल किया था| 2011 वर्ल्‍डकप के बाद कैंसर की बीमारी से जूझने के बाद उन्‍होंने न केवल भारतीय क्रिकेट टीम में वापसी की बल्कि अपने प्रदर्शन से हर किसी पर असर छोड़ा| उन्होंने पहले टी20 विश्व कप में इंग्लैंड के खिलाफ 6 गेंदों पर 6 छक्के जड़े और इस तरह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में लगातार 6 छक्के लगाने वाले वह दूसरे बल्लेबाज बने। उनके चाहने वाले हमेशा उन्हें खेलते हुए देखना चाहते रहे हैं| जब भी युवराज का बल्ला चला इंडिया की जीत हुई, उनके विस्फोटक खेल के अंदाज का हर कोई दीवाना है| 

वर्ल्ड कप जीतना सपने की तरह था

संन्यास का ऐलान करते हुए उन्होंने कहा, ‘मैं बचपन से ही अपने पिता के नक्शेकदम पर चला और देश के लिए खेलने के उनके सपने का पीछा किया। मेरे फैन्स जिन्होंने हमेशा मेरा समर्थन किया, मैं उनका शुक्रिया अदा नहीं कर सकता। मेरे लिए 2011 वर्ल्ड कप जीतना, मैन ऑफ द सीरीज मिलना सपने की तरह था। इसके बाद मुझे कैंसर हो गया। यह आसमान से जमीन पर आने जैसा था। उस वक्त मेरा परिवार, मेरे फैन्स मेरे साथ थे।’ उन्होंने कहा, ‘एक क्रिकेटर के तौर पर सफर शुरू करते वक्त मैंने कभी नहीं सोचा था कि कभी भारत के लिए खेलूंगा। लाहौर में 2004 में मैने पहला शतक लगाया था। टी-20 वर्ल्ड कप में 6 गेंदों में 6 छक्के लगाना भी यादगार था। 2014 में टी-20 फाइनल मेरे जीवन का सबसे खराब मैच था। तब मैंने सोच लिया था कि मेरा क्रिकेट करियर खत्म हो गया है। तब मैं थोड़ा रुका और सोचा कि क्रिकेट खेलना शुरू क्यों किया था।’


ऐसा रहा शानदार रिकॉर्ड 

युवराज ने अपना अंतिम टेस्ट साल 2012 में खेला था| सीमित ओवरों के क्रिकेट में वह अंतिम बार 2017 में दिखे थे|  युवराज ने साल 2000 में पहला वनडे, 2003 में पहला टेस्ट और 2007 में पहला टी-20 मैच खेला था|  चंडीगढ़ में साल 1981 में जन्में युवराज ने भारत के लिए 40 टेस्ट, 304 वनडे और 58 टी-20 मैच खेले. टेस्ट में युवराज ने तीन शतकों और 11 अर्धशतकों की मदद से कुल 1900 रन बनाए जबकि वनडे में उन्होंने 14 शतकों और 52 अर्धशतकों की मदद से 8701 रन जुटाए| इसी तरह टी-20 मैचों में युवराज ने कुल 1177 रन बनाए. इसमें आठ अर्धशतक शामिल हैं. युवराज ने टेस्ट मैचों में 9, वनडे में 111 और टी-20 मैचो में 28 विकेट भी लिए हैं. युवराज ने 2008 के बाद कुल 231 टी-20 मैच खेले हैं और 4857 रन बनाए हैं. उन्होंने टी-20 मैचों में 80 विकेट भी लिए हैं|


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