बसपा विधायक का बड़ा बयान- पति दोषी साबित हुआ तो छोड़ दूंगी राजनीति

भोपाल।

हत्या के आरोपी पति गोविंद सिंह को लेकर उठ रहे सवालों के बीच बसपा विधायक रामबाई ने बडा बयान दिया है। उनका कहना है कि चौरसिया हत्याकांड में उनके पति समेत अन्य परिजनों पर झूठे मुकदमे दर्ज किए गए हैं।उन्होंने दावा किया है कि अगर उनके पति दोषी पाए गए तो वे राजनीति छोड़ देंगी।उन्होंने कहा कि वे हर तरह की जांच के लिए तैयार है।

इससे पहले बीते गुरुवार को रामबाई आरोपी गोविंद सिंह के साथ विधानसभा पहुंची। वे विधानसभा परिसर में पति गोविंद सिंह को साथ लेकर घूमती रहीं। खास बात यह है कि विधानसभा परिसर में ही दोनों ने मीडिया से बात भी की थी।  वहीं विधानसभा की सुरक्षा में लगे पुलिस जवानों की भी नजर आरोपी गोविंद सिंह के ऊपर नहीं पड़ी। जिसको लेकर जमकर बयानबाजी हो रही है। कानून व्यवस्था और सरकार पर सवाल खड़े हो रहे है। ऐसे में सवाल उठे थे कि जब मध्य प्रदेश पुलिस ने गोविंद सिंह पर इनाम घोषित किया है तो फिर वो बाहर सुरक्षा-व्यवस्था को भेदकर अंदर कैसे घुस गया। हालांकि शुक्रवार को पुलिस ने गोविंद के उपर रखे 25 हजार रुपए का इनाम भी निरस्त कर दिया है।

कांग्रेस ने आरोपों को किया खारिज

 कांग्रेस कमेटी मीडिया विभाग की अध्यक्ष शोभा ओझा और अभय दुबे ने एक बयान जारी कर राम बाई के पति पर लगे फरार होने के आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि  बसपा विधायक रामबाई के पति गोविंद सिंह निवासी हनौता के संदर्भ में यह भ्रामक प्रचार किया जा रहा है कि एक फरार आरोपी विधानसभा में घूम रहा है, जबकि सच्चाई यह है कि 15 मार्च 2019 को थाना हटा क्षेत्र में घटित अपराध में विधायक राम बाई के पति का न तो किसी प्रकार का वारंट जारी हुआ है और नही वे फरार घोषित किये गये हैं। उनका प्रकरण धारा 173(8) में विवेचनाधीन है। कांग्रेस ने जारी बयान में कहा है कि पुलिस को राम बाई के पति गोविंद के घटना स्थल पर होने के सबूत नहीं मिले हैं। 

गोविंद पर 17  से अधिक मामले है दर्ज

 पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गोविंद हत्या के 3 मामलों समेत 17 केसों में आरोपी है। दमोह पुलिस के अनुसार जिले के देहात थाना क्षेत्र के हिनौता गांव के निवास गोविंद सिंह के खिलाफ 1993 से हत्या समेत अन्य संगीन धाराओं का केस दर्ज हुआ था। दमोह थाने में ही 8 केस दर्ज हैं। जिनमें दो हत्या के केस हैं। इसी तरह कोतवाली थाना क्षेत्र में हत्या एवं हत्या के प्रयास जैसे दो केस हैं। पथरिया थाना क्षेत्र में हत्या के प्रयास, जान से मारने की धमकी एवं आम्र्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के 4 केस दर्ज हैं। इसी तरह सिविल लाइन जबलपुर में भी एक केस दर्ज है। हटा थाना में भी इसी साल विभिन्न धाराओं के तहत एक केस दर्ज हुआ था। 

ये है पूरा मामला

इसी साल मार्च में दमोह जिले के हटा में कांग्रेस नेता देवेंद्र चौरसिया की हत्या हो गई थी। हत्या का आरोप पथरिया से बसपा विधायक रमाबाई के पति गोविंद सिंह समेत 7 लोगों पर लगा था। कांग्रेस नेता के परिजनों ने पथरिया विधायक रामबाई के पति गोविंद सिंह और जिला पंचायत अध्यक्ष शिवचरण पटेल के पुत्र इंद्रपाल पर हत्या का आरोप लगाया। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने रमाबाई के पति गोविंद सिंह, देवर कौशलेंद्र सिंह, भतीजा गोलू सिंह, श्रीराम शर्मा, अमजद पठान, लोकेश सिंह और जिला पंचायत अध्यक्ष शिवचरण पटेल के बेटे इंद्रपाल पटेल के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की की थी। मामले में विधायक के कुछ रिश्तेदार अभी जेल में हैं। वही हत्याकांड में गोविंद सिंह की भूमिका को संदिग्ध माना और उन पर आरोप सिद्ध प्रतीत नहीं होने पर पुलिस ने उनके खिलाफ कोर्ट में चालान पेश नहीं किया। इसके अलावा 25 हजार रुपए का इनाम भी निरस्त कर दिया है। अब इस मामले की नए सिरे से जांच की जा रही है। 


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