जब पूर्व CM के गार्ड ऑफ ऑनर में पुलिस की 22 राइफलों से नहीं चली 1 भी गोली, देखे वीडियो

पटना।

पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. जगन्नाथ मिश्र का बुधवार को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार हुआ। सुपौल के गांव बलुआ बाजार में पूर्व मुख्यमंत्री का पार्थिव शरीर की अंत्येष्टि की गई। यहां उनके बड़े पुत्र संजीव मिश्र ने मुखाग्नि दी।  लंबे समय से बीमार चल रहे मिश्रा का सोमवार को दिल्ली में निधन हो गया था। अंतिम संस्कार के वक्त जब मिश्रा को गार्ड ऑफ ऑनर दिया जा रहा था, तब अजीब स्थिति बन गई। 22 जवानों ने थ्री नॉट थ्री राइफल से हवाई फायर की कोशिश की, 22 में से एक की भी राइफल से गोली नहीं चली।। बिहार पुलिस को यह शर्मिंदगी उस वक्त उठानी पड़ी, जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित राज्य के कई वरिष्ठ मंत्री भी वहां मौजूद थे। उनके जाते ही लोगों के बीच इसे लेकर तरह-तरह की चर्चा होने लगी।

गार्ड ऑफ ऑनर के दौरान जब पहली बार गोली नहीं चली तो जवानों ने अपनी बंदूकों और गोलियां की जांच की। वहां मौजूद अधिकारियों ने भी इन्हें जांचा। जवानों ने जब दोबारा फायर किया तो भी गोली नहीं चली। इसके बाद बिना फायर किए ही मिश्रा का अंतिम संस्कार किया। इस मौके पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, सुशील मोदी भी मौजूद थे। अब यह पता किया जा रहा है कि गार्ड ऑफ ऑनर के लिए लाई गई कार्टेज किस बैच की है और कब से इस्तेमाल नहीं हुई है। इसमें क्या परेशानी थी। दरअसल, सलामी देने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली कार्टेज को ब्लैंक कार्टेज कहते हैं।

बता दे कि मिश्रा का निधन सोमवार को दिल्ली के एक अस्पताल में हो गया था। मंगलवार को उनका पार्थिव शरीर पटना लाया गया। अंतिम विदाई देने के लिए उमड़ा जनसैलाब मिश्रा को अंतिम विदाई देने जनसैलाब उमड़ पड़ा। मिथिला के इतिहास पुरुष को अंतिम विदाई देने के लिए बिहार के कोने-कोने से लोग पंहुचे हुए थे। इससे पूर्व भीमपुर चौक से लंबे काफिले के साथ एंबुलेंस में उनका पार्थिव बलुआ बाजार स्थित निवास स्थल में लाया गया। इस दौरान रास्ते पर ''जगन्नाथ मिश्रा अमर रहे'','' जब तक सूरज चांद रहेगा डॉक्टर साहब तेरा नाम रहेगा'' के नारों से गूंज रहा था। 



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