दल बदलू नेताओं को नहीं मिल रही राज्यसभा में जगह!

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव से पहले या बाद में जिन नेताओं ने दल बदल कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा। उन्हें आज भी कुछ प्राप्ति की उम्मीद है। हालांकि इन कुछ दल-बदलुओं को तो पार्टी ने इसका तोहफा दिया है लेकिन बहुत सारे अभी लाइन में ही प्रतीक्षारत खड़े हैं कि उनका नंबर कब आएगा। महाराष्ट्र में नारायण राणे और हरियाणा में बीरेंद्र सिंह तक राज्यसभा में भेजे गए। मंत्री पद भी मिला। हाल ही में समाजवादी पार्टी से भाजपा में नीरज शेखर को भी राज्यसभा मिल गया मगर उनके बाद कांग्रेस छोड़ भाजपा में आए संजय सिंह को अभी और इंतजार करना होगा। वे असम से राज्यसभा सांसद थे। चूंकि उनका कार्यकाल अगले साल अप्रैल में ही खत्म हो रहा था इसलिए वहां उपचुनाव नहीं होगा। इसलिए उन्हें अगले साल अप्रैल के द्विवार्षिक चुनाव या साल के अंत में होने वाले यूपी की राज्यसभा सीटों के चुनाव तक इंतजार करना होगा। इससे पहले उन्हें राज्यसभा की सीट मिल जाएगी, इस पर संदेह है।

दूसरे दल से भाजपा में आए

कांग्रेस से निकलकर तृणमूल कांग्रेस होते हुए भाजपा में शामिल हुए मुकुल रॉय को इंतजार करते हुए दो साल हो गए। शारदा चिटफंड के आरोपी रॉय की नजर हो सकता है मुख्यमंत्री की सीट पर हो। मगर सितंबर 2017 में तृणमूल छोडने के बाद वे नवंबर में भाजपा में शामिल हुए थे। तब से आज तक उन्हें इंतजार हैं। देखते ही देखते पश्चिम बंगाल से भाजपा के दो से बढ़ कर 18 लोकसभा सांसद हो गए, मगर उन्हें अभी कुछ नहीं मिला है। उनको भी अगले साल अप्रैल में होने वाले द्विवार्षिक चुनावों का इंतजार है। माना जा रहा है कि इस बार भाजपा उनको कहीं से राज्यसभा भेज सकती है। वहीं ओडि़शा में बीजू जनता दल छोड़ कर भाजपा में शामिल हुए वैजयंत पांडा उर्फ जय पांडा भी राज्यसभा के इंतजार में बैठे हैं। वह लोकसभा का चुनाव लडे थे मगर हार गए थे। लोकसभा चुनाव के बाद ओडि़शा में राज्यसभा की तीन सीटों के उपचुनाव हुए, जिसमें भाजपा ने एक सीट बीजू जनता दल से मांग कर ली। सूत्र बताते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी ने खुद बीजद नेता और मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से बात की थी। वह जब राजी हो गए तो भाजपा ने यह सीट एक पूर्व आईएएस अधिकारी को दे दी। इसलिए पांडा का भी इंतजार लंबा हो गया है। बिहार में नीतीश कुमार सरकार में मंत्री रहे सम्राट चौधरी को भी भाजपा में शामिल हुए काफी दिन हो गए। वे संगठन में तो प्रदेश के उपाध्यक्ष हैं पर वे भी राज्यसभा के इंतजार में हैं। उनको भी अगले साल तक इंतजार करना होगा।

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