माता के भक्तो को सौगात, अब दिल्ली से कटरा सिर्फ 8 घंटे में, इतना होगा किराया

नई दिल्ली| माता के भक्तों को बड़ी सौगात देश की सरकार ने दी है| केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बहुप्रतीक्षित दिल्ली-कटरा वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर कटरा के लिए रवाना किया। अमित शाह के साथ रेल मंत्री पीयूष गोयल और कई मंत्रियों के साथ वंदेभारत एक्सप्रेस पर मौजूद थे. हालांकि, वंदे भारत एक्सप्रेस की रेगुलर सेवा 5 अक्टूबर से शुरू होगी| इस ट्रेन के शुरू होने से यात्रियों का करीब 4 घंटे का समय बचेगा, इसके लिए बुकिंग शुरू हो चुकी है| 

इस हाई स्पीड ट्रेन चलने से दिल्ली और कटरा के बीच यात्रा का समय 12 घंटे से कम होकर आठ घंटे रह जाएगा। रेलवे ने दिल्ली- कटरा वंदे भारत में भी 'डायनामिक फेयर लागू नहीं किया है। दिल्ली और वाराणसी के बीच चलने वाली वंदे भारत में भी यह किराया प्रणाली लागू नहीं है। ट्रेन में घुमावदार कुर्सी सहित कई अत्याधुनिक सुविधाएं हैं। नयी दिल्ली और श्रीमाता वैष्णो देवी कटरा के बीच चेयर कार (सीसी) का न्यूनतम किराया 1630 रुपया है, जबकि एग्जीक्यूटिव चेयर कार के लिए 3015 रुपये खर्च करने होंगे।


यह बोले अमित शाह 

वंदे भारत एक्सप्रेस लान्च करने के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि रेल मंत्री पीयूष गोयल के नेतृत्व में काम कर रहे पूरे रेल विभाग के सभी लोगों को हृदय से बहुत-बहुत बधाई देना चाहता हूं कि आपने जम्मू-कश्मीर को आज नवरात्रि के शुभ अवसर पर एक बहुत बड़ा तोहफा देने का काम किया है|  उन्होने आगे कहा कि 2014 में जबसे नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने, तबसे सभी यात्रा स्थानों तक सभी यात्री सुगमता और सरलता से पहुंच सके, इसके लिए सरकार ने बहुत से कदम उठाए हैं| उन्होंने कहा महात्मा गांधी के जीवन से रेल को निकाल दिया जाए तो आजादी का आंदोलन अधूरा रह जाएगा। मोहनदास से महात्मा बनने की जो महत्वपूर्ण घटना हुई, वो भी रेल के डिब्बे में हुई थी, जब उन्हें अपमानित करके रेलवे स्टेशन पर फेंक दिया गया, तभी बापू ने संकल्प लिया था कि इस अंग्रेजी शासन को हम उखाड़ फेंकेंगे। जब तक इस देश को जानने की बात आई थी और कम समय में यह असंभव था तो महात्मा ने ट्रेन को चुना। उन्होंने छह साल तक ट्रेन की थर्ड क्लास में बैठकर सफर किया और देश को जानने की प्रक्रिया में आगे बढ़े। रेलवे का उपयोग पूज्य बापू ने आजादी के आंदोलन में भरपूर रूप से किया। बापू के कपड़े छोड़ने का आंदोलन भी रेलवे से ही शुरू हुआ जब उन्हें एक गरीब महिला फटे कपड़ों में मिली। बापू के हर आंदोलन चाहे वह चंपारण हो या अन्य कोई उसमें रेलवे का बहुत बड़ा योगदान रहा। यह ट्रेन पूरी तरह से स्वदेशी है और इसका हर पुर्जा भारत में बना है जो मेक इन इंडिया की परिकल्पना को चरितार्थ करता है। गांधी जी का एक महत्वपूर्ण सन्देश था स्वदेशी और आजादी के आंदोलन का एक बहुत बड़ा अंग स्वदेशी बना और मुझे आज गर्व है कि आज एक पूर्ण स्वदेशी रेलगाड़ी आज दिल्ली से कटरा तक जा रही है।


ट्रैन की टाइमिंग 

दिल्ली- कटरा वंदे भारत एक्सप्रेस रास्ते में अंबाला कैंट, लुधियाना और जम्मू तवी स्टेशनों पर दो- दो मिनट के लिए रुकेगी। यह ट्रेन मंगलवार को छोड़कर सप्ताह के सभी दिन चलेगी। दिल्ली से वंदे भारत (22439 अप) सुबह 6 बजे चलकर दोपहर 2 बजे कटरा पहुंचेगी, जबकि वापसी में ट्रेन (22440 डाउन) दोपहर 3 बजे कटरा से रवाना होकर रात 11 बजे दिल्ली आएगी। पहली वंदे भारत एक्सप्रेस को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिल्ली- वाराणसी मार्ग पर हरी झंडी दिखाई थी।

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