स्वतंत्रता दिवस से पहले मोदी सरकार ने किसानों को दिया ये बड़ा तोहफा

नई दिल्ली।

स्वतंत्रता दिवस से पहले मोदी सरकार ने किसानों को बड़ा तोहफा दे दिया है। केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री किसान मान-धन योजना (पीएम-केएमवाई) पेंशन के लिए पंजीकरण का काम आज शुक्रवार को शुरू कर दिया। पेंशन लेने के लिए 18 से 40 वर्ष आयु के किसानों को 55 रुपये से 200 रुपये का प्रीमियम हर महीने देना होगा। इस योजना में शमिल किसानों को 60 साल की आयु पूरी करने होने पर 3,000 रुपये की मासिक पेंशन मिलेगी। 

केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने योजना का शुभारंभ करते हुए कहा कि आज, पीएम-केएमवाई पंजीकरण प्रक्रिया देश भर में शुरू हो गई है। शुक्रवार दोपहर तक 418 किसानों ने पंजीकरण कराया है और मैं अधिक से अधिक किसानों से इस योजना में शामिल होने का अनुरोध करता हूं। उन्होंने कहा कि यह योजना जम्मू-कश्मीर और लद्दाख सहित पूरे देश में लागू की जाएगी। यह देश भर के छोटे और सीमांत किसानों (एसएमएफ) के लिए स्वैच्छिक और अंशदायी पेंशन योजना है।

खास बात ये है कि  इस योजना के लिए 18 से 40 साल तक के किसान आवेदन कर सकेंगे। किसान की मौत होने की स्‍थिति में पत्नी को 50% रकम मिलती रहेगी। इस योजना में जितना प्रीमियम ( किसान देगा, सरकार भी उतनी ही राशि देगी। किसान बीच में योजना छोड़ना चाहता है तो जमा राशि और ब्याज उसे मिल जाएगा।

5 करोड़ किसानों को मिलेगा फायदा

केंद्र की किसान पेंशन योजना का फायदा देश के 12-13 करोड़ किसानों के मिलेगा।इस योजना को अलग-अलग चरणों में लागू किया जाएगा और पहले चरण में संभवतः 5 करोड़ किसानों को लाभ मिलेगा। यह योजना 18 से 40 वर्ष के किसानों के लिए होगी। किसानों के लिए ये स्कीम पूरी तरह से स्वैच्छिक होगी। इसमें आधा हिस्सा किसान और आधा हिस्सा सरकार वहन करेगी। अगले हफ्ते से इसके लिए रजिस्ट्रेशन की शुरुआत हो सकती है। 

राज्यों पर बोझ नही डालेगी सरकार 

वित्त मंत्रालय के उच्चाधिकारियों के अनुसार इस स्कीम में राज्य सरकारों का पूरा सहयोगा लिया जाएगा। राज्यों को कहा गया है कि वे ज्यादा से ज्यादा किसानों को इसका लाभ पहुंचाने के लिए सहयोग दें। जहां तक इस स्कीम में वित्त संबंधी तकनीकी बातें हैं, उस बारे में सहमति बन गई है। केंद्र सरकार इसका पूरा जिम्मा लेगी और राज्य सरकारों पर किसी प्रकार का वित्तीय बोझ नहीं डाला जाएगा। 

ऐसे मिलेगा लाभ

आपको बता दें कि अगर किसान हर महीने 100 रुपये जमा करता है तो सरकार उसमें हर महीने 100 रुपये जमा करेगी। इस तरह 60 साल की उम्र के बाद उसे 3000 तक की पेंशन मिलेगी। किसान पेंशन योजना पर करीब 10 हजार करोड़ रुपए खर्च होंगे। बताया जाता है कि बीजेपी ने किसानों को पेंशन देने का वादा करने का आइडिया अपने ही एक राज्य हरियाणा से लिया है।

PMKMY के लिए देने होंगे ये डॉक्युमेंट

-आधार कार्ड: आवेदन करने वाले किसान के पास आधार कार्ड होना जरूरी है।

-खसरा और खतौनी: इसके लिए दूसरा जरूरी डॉक्यूमेंट खसरा और खतौनी है। राजस्व रिकॉर्ड, जिससे पता चलेगा कि आप किसान हैं। खसरा खतौनी पटवारी बनाता है, इसमें खेती की जमीन की डिटेल होती है।

-सेविंग खाता/जनधन खाता : इसके अलावा किसान के पास सेविंग बैंक खाता/जनधन खाता होने चाहिए।

-मोबाइल नंबर: किसान का मोबाइल नंबर बैंक अकाउंट और आधार कार्ड से लिंक होना चाहिए।

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