आपसी फूट के बीच विधायक की कांग्रेस में हुई घर वापसी

नई दिल्ली।

काफी दिनों से अपनों से नाराज चल रही चांदनी चौक से आप विधायक अलका लांबा ने आखिरकार कांग्रेस का दामन थाम ही लिया।शुक्रवार को औपचारिक तौर पर वो कांग्रेस में शामिल हो गई ।  उन्होंने शुक्रवार को ट्वीट कर कहा था कि वो शाम को 6 बजे 10 जनपथ जाकर कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण करेंगी।इससे पहले मंगलवार को उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया से मुलाकात के बाद आप छोड़ने का फैसला किया था।

 मंगलवार को अलका लांबा ने आम आदमी पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने का ऐलान करते हुए ट्विटर पर लिखा था कि अब आप पार्टी को अलविदा कहने का समय आ चुका है। उन्होंने आप की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है।अलका लांबा ने बताया कि कांग्रेसी पार्टी से उनका 25 साल पुराना नाता रहा है। पिछले सालों से वह कांग्रेस से दूर रही। अलका लांबा कहना है कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ली है। अब इसके बाद पार्टी जो जिम्मेदारी देगी उसे वह निभाएगी।

बता दे कि 2014 में आप जॉइन करने से पहले वह कई सालों तक कांग्रेस की सदस्य रही हैं। वह कांग्रेस की स्टूडेंट विंग एनएसयूआई की राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुकी हैं और इसके टिकट पर डूसू के प्रेजिडट का चुनाव भी जीता था। वह दिल्ली कांग्रेस कमिटी की जनरल सेक्रटरी और ऑल इंडिया कांग्रेस कमिटी सचिव रह चुकी हैं।

दरअसल, यह बात बहुत पहले ही तय हो गई थी कि अलका लांबा पार्टी से कभी भी इस्तीफा दे सकती हैं। दिल्ली विधानसभा में राजीव गांधी से भारत रत्न वापस लिए जाने वाले प्रस्ताव का विरोध किया था। इसके बाद से ही लांबा और आम आदमी पार्टी के बीच तल्खियां आनी शुरू हो गई थीं।। यहां तक आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने उन्हें सोशल मीडिया से अनफॉलो भी कर दिया था। उन्हें कई बार आप के नेताओं से ट्विटर वार में उलझते देखा गया। यहां तक कि एक नेता ने तो उनके इस्तीफे की बात पर ये भी कहा था कि इस्तीफा ट्विटर पर भी स्वीकार कर लिया जाएगा।



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