बाहुबली विधायक के घर से AK-47, गोलियां और बम बरामद

पटना| बिहार की मोकामा सीट से बाहुबली विधायक अनंत सिंह का नाम एक बार फिर चर्चाओं में है| अनंत सिंह के घर पर शुक्रवार को पुलिस ने छापा मारा। मीडिया रिपोर्ट के छापामार कार्रवाई में उनके घर से एके-47 राइफल, मैगजीन और गोलियां बरामद की गई हैं। खबर है कि एक हैंड ग्रेनेड भी बरामद हुआ है, हालांकि पुलिस ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है। अनंत सिंह पर हत्या और हत्या के प्रयास सहित एक दर्जन से अधिक मामले चल रहे हैं। फिलहाल वे जमानत पर बाहर हैं। यह पहली बार नहीं है जब अनंत सिंह के यहां हथियार बरामद हुए हैं। इससे पहले 2006 में अनंत सिंह का बंदूक लहराते हुए वीडियो सामने आया था। पुलिस की कार्रवाई जारी है और अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि ये हथियार कहां से आए।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस को सूचना मिली थी कि विधायक के घर से और दूसरे ठिकानों से हथियारों का मूवमेंट किया जाना है। कुछ दिनों पहले भी हथियारों का मूवमेंट किया गया था। प्रतिबंधित हथियारों के मूवमेंट की जानकारी मिलने के बाद पुलिस द्वारा की कार्रवाई की गई।  अनंत सिंह के घर से पुलिस ने छापामारी के दौरान एके-47 राइफल, मैगजीन और गोलियां बरामद की है| पुलिस ने बाढ़ थाना क्षेत्र के नदवा गांव में छापेमारी की है| नदवा गांव के पैतृक आवास से ही हथियारों की बरामदगी हुई है| 

रिपोर्ट के मुताबिक, अलसुबह भारी तादाद में पुलिसकर्मी अनंत सिंह के पैतृक गांव लदवां पहुंचे।उनके घर को पुलिसकर्मियों ने चारो ओर से घेर लिया। हालांकि उस समय अनंत सिंह घर पर मौजूद नहीं थे। पुलिस ने घर में मौजूद लोगों को अपने कब्जे में ले लिया। पूरे इलाके के घेराबंदी कर दी गयी। किसी को भी उस ओर जाने नहीं दिया गया। गांव के लोगों ने बताया कि अनंत सिंह के घऱ की दीवारों को तोड़ा गया।  ग्रामीण एसपी कांतेश मिश्रा विधायक के घर पर कैंप कर रहे हैं|  बम निरोधक दस्ता को भी बुलाया गया है, एसटीएफ और एटीएस की टीम भी पहुंच गई है| पुलिस ने विधायक का घर तोड़े जाने से स्पष्ट इनकार किया है|  


बाहुबली नेता माने जाते हैं अनंत सिंह, जेल से ही लड़ा था चुनाव 

मोकामा से निर्दलीय विधायक अनंत सिंह की गिनती बिहार के बाहुबली नेताओं में होती है। अनंत कभी नीतीश के करीबी होते थे। वह 2005 में पहली बार जदयू के टिकट से चुनाव जीते। 2010 में भी वह जदयू के विधायक बने। 2015 के चुनाव से पहले हत्या के एक मामले में जेल जाना पड़ा। इस दौरान जदयू ने उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया। जेल से ही अनंत सिंह ने चुनाव लड़ा और निर्दलीय विधायक बने।



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