राजकीय सम्मान से किया गया जेटली का अंतिम संस्कार, बेटे ने दी मुखाग्नि, हर आंख हुई नम

नई दिल्ली।

भाजपा के दिग्गज नेता और पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली आज रविवार  को पंचतत्व में विलीन हो गए। निगमबोध घाट पर राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। बेटे रोहन ने अरुण जेटली को मुखाग्नि दी।उनका पार्थिव शरीर एक तोपगाड़ी में रखा गया था, जिसको सेना के एक ट्रक से खीचा जा रहा था। ट्रक पर उनके पुत्र और परिवार के दूसरे खास सदस्यों के साथ कुछ वरिष्ठ भाजपा नेता सवार थे। इस दौरान कई राजनैतिक पार्टियों के दिग्गज नेता शामिल हुए। सभी ने नम आंखों से जेटली को अंतिम विदाई दी।

भारत में ब्रिटिश उच्चायुक्त सर डोमिनिक एस्क्विथ जेटली की अंतिम यात्रा में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि जेटली ब्रिटेन में भी काफी लोकप्रिय हैं। वे हमेशा लोगों के सपनों को पूरा करने के लिए काम करते रहे हैं। इससे पहले शनिवार को जेटली के आवास पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, अमित शाह, राजनाथ सिंह, लालकृष्ण आडवाणी, मनमोहन सिंह, राहुल गांधी, सोनिया गांधी, अरविंद केजरीवाल, डॉ. हर्षवर्धन, चंद्रबाबू नायडू समेत कई नेता श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे।

इससे पहले उनका पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए बीजेपी मुख्यालय लाया गया। पूर्व वित्तमंत्री का पार्थिव शरीर फूलों से सजे एक सैन्य वाहन से कैलाश कॉलोनी स्थित घर से पंडित दीनदयाल उपाध्याय मार्ग स्थित बीजेपी मुख्यालय सुबह करीब 11 बजे लाया गया। जेटली के पार्थिव शरीर को ले जाने वाले काफिले के साथ कई बीजेपी नेता और परिवार के सदस्य भी मुख्यालय पहुंचे। मुख्यालय के केंद्रीय हॉल में जेटली के पार्थिव शरीर दोपहर 1 बजे तक रखा गया।यहां गृहमंत्री अमित शाह, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित पार्टी सहित पार्टी के बड़े नेताओं, हजारों कार्यकर्ताओं और आम लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। 66 वर्षीय जेटली का शनिवार को एम्स में निधन हो गया था जहां 9 अगस्त को उन्हें इलाज के लिए भर्ती कराया गया था। 


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