मप्र में 2600 प्राइवेट स्कूलों की मान्यता निरस्त, यह है कारण

भोपाल| मध्य प्रदेश में सरकार ने राज्य के 2600 स्कूलों की मान्यता निरस्त कर दी। बताया जाता है कि अधिकांश स्कूलों को रजिस्टर्ड किरायानामा के नाम पर निरस्त किया गया हैं| इस कार्रवाई से हड़कंप मच गया है, वहीं प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन मप्र ने इस कार्रवाई का विरोध जताया है और आंदोलन की चेतावनी दी है| जिन स्कूलों की मान्यता निरस्त की गई है, उनमे सबसे अधिक राजगढ़ जिले के स्कूल हैं, यहां 370 स्कूलों की मान्यता निरस्त की गई है| 

राज्य शिक्षा केंद्र के आदेश में रजिस्टर्ड किरायानामा का कोई उल्लेख नहीं है। इसके बावजूद अधिकांश स्कूलों को रजिस्टर्ड किरायानामा के नाम पर निरस्त किया गया हैं। इस पर प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन मप्र ने विरोध जताया है| एसोसिएशन की ओर से राज्य शिक्षा केंद्र के संचालक को ज्ञापन देकर मांग की है कि इन स्कूलों में कई हजार विद्यार्थी अध्ययनरत हैं एवं निशुल्क प्रवेशित छात्रों की संख्या भी हजारों में हैं। इन स्कूलों में विद्यार्थी नवीन सत्र में शिक्षा के अधिकार (आरटीई) के प्रवेश लेने से भी वंचित हो रहे हैं। वहीं, आरटीई के तहत वर्ष 2016-17 में प्रवेशित विद्यार्थियों के शुल्क का भुगतान नहीं किया गया है।

एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि सभी समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया तो प्रदेश में धरना-आंदोलन प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होगा। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष अजीत सिंह ने मांग की है कि रोकी गई मान्यताओं को तत्काल जारी की जाए एवं इन विद्यालयों में आरटीई की प्रवेश तिथि बढ़ाई जाए और वर्ष 2016-17 की फीस प्रतिपूर्ति का भुगतान किया जाए। 

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