एमपी में बारिश का तांडव, 3 महिला-छात्र समेत 28 गायों की मौत, कार समेत 5 बहे

भोपाल।

मध्यप्रदेश में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्तव्यस्त कर दिया है। चारों तरफ पानी ही पानी भरा हुआ। नदियों और बांधों का जल स्तर बढने से निचली बस्तियों को खाली करवाया गया है। वही कई मार्ग बंद हो गए है, यातायात बुरी तरह से बाधित हो गया है। इसी बीच जगह जगह से लोगों के बहने और मौत की खबरे आ रही है। बारिश के चलते सागर के गौरझामर में आकाशीय बिजली की चपेट में आने से 28 गायों और दीवार गिरने से बमुराकुंज में दो महिलाओं की दबने से मौत हो गई। वही सीहोर जिले के रामनगर की अजनाल नदी पर एक छात्रा समेत उसका परिवार बह गया, हालांकि ग्रामीणों ने उन्हें सुरक्षित बचा लिया।

दरअसल,  सागर के देवरीकलां में बुधवार दोपहर करीब एक बजे बिजली गिरने से 28 पशुओं की मौत हो गई। गाय जंगल में चरने गई थीं। इसी दौरान बिजली गिर गई। वही जिले के बमुराकुंज गांव में गणेशोत्सव के दौरान भजन कीर्तन कर रही एक मंडली पर अचानक दीवार गिर गई और 2 महिलाओं की मलबे में दबने से मौक पर ही मौत हो गई। जबकि 4 महिलाएं गंभीर रुप से घायल हाे गई। घायलों में एक अन्य व्यक्ति भी शामिल है। टीआई रामवतार चौरहा ने बताया कि बमुराकुंज गांव में भजन कीर्तन कर रहीं महिलाओं के ऊपर अचानक दीवार गिर गई जिससे मुन्नी बाई (50) एवं मुलाबाई (75) की मौत हो गई। जबकि बैजंती पति देवीसिंह (50), आशा पति करतार सिंह (50) , गुड्डीबाई पति सूरज 50 दपवती पति इंद्र सिंह (45) गंभीर रुप से घायल हो गई।

कार समेत पांच लोग बहे, ग्रामीणों ने बचाया

इधर, लापरवाही के चलते सीहोर जिले के रामनगर की अजनाल नदी पर एक छात्रा और उसके परिजन की जान पर बन आई। बताया जा रहा है कि पुल पर पानी होने के बाद भी जान जोखिम में डालकर अल्टो कार सवारों ने नदी पार करने की कोशिश लेकिन जैसे ही कार तेज धार में पहुंची बहने लगी। ग्रामीणों दौड़कर कर कार को पकड़ा और उसमें रस्सी बांधी। पहले छात्रा को कार से बाहर निकाला उसके बाद कार को रस्सी के सहारे खींचकर बाहर लाया गया।  

डैम में डूबने से छात्र की मौत

हथाईखेड़ा डैम में छठवीं कक्षा के छात्र गणेश की डूबने से मौत हो गई। वह दोस्तों के साथ खेलने जाने का कहकर घर से निकला था। डैम में नहाते वक्त वह गहरे पानी में चला गया। उसे डूबते देख दोस्त भाग निकले। पुलिस के मुताबिक गाजियापुरा, आनंद नगर निवासी गणेश के पिता नानेश्वर मजदूरी करते हैं।पुलिस ने बुधवार तड़के गोताखोरों की मदद से छात्र का शव ढूंढ निकाला।

बांधों के गेट खोले, घाट डूब

प्रदेश में लगातार तेज बारिश और ऊपरी क्षेत्र के बरगी तथा तवा बांधों से लगातार पानी छोड़े जाने से इंदिरा सागर बांध के गेट 16 अगस्त से खोले जा रहे हैं। सोमवार रात से 12 गेट खोलकर 23 हजार क्यूमेक्स प्रति सेकंड पानी लगातार छोड़ा जा रहा है।वही ओंकारेश्वर में नर्मदा के सभी घाट 15 दिन से जलमग्न हैं। बाढ़ के चलते ओंकारेश्वर में तीर्थयात्रियों की संख्या भी नगणन्य है। ओंकारेश्वर बांध के 18 रेडियल गेट खोलकर 24 हजार क्यूमेक्स प्रति सेकंड पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है।

आगे कैसा रहेगा मौसम

मौसम विज्ञानियों के मुताबिक वर्तमान में छह मानसूनी सिस्टम सक्रिय हैं। इनमें से चार मप्र में बने हुए हैं। इनके प्रभाव से प्रदेश के कई स्थानों पर रुक-रुक कर बौछारें पड़ने का सिलसिला जारी रहेगा। इसी क्रम में गुरुवार-शुक्रवार को इंदौर, भोपाल, उज्जैन, होशंगाबाद, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, नरसिंहपुर, राजगढ़, विदिशा, छिंदवाड़ा में भारी बरसात होने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक बारिश से संबंधित सभी सिस्टम प्रदेश के ऊपर सक्रिय है। वहीं आगामी 15 सिंतबर के बाद फिर एक सिस्टम बंगाल की खाड़ी मे बनेगा जो आने वाले 4 से 5 दिनों तक प्रदेश को तरबतर करता रहेगा। आज भी मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश के होशंगाबाद, इंदौर, भोपाल, रायसेन समेत दो दर्जन से ज्यादा जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसका असर भी नजर आ रहा है। गुरूवार सुबह से ही बारिश का सिलसिला जारी है|

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