गंगा जमुना तहजीब: एक तरफ गणेश चतुर्थी तो दूसरी तरफ निकला मोहर्रम का जुलुस

जबलपुर

शहादत के पर्व मोहर्रम की 9 तारीख यानी कतली की रात को संस्कारधानी जबलपुर की गंगा जमुना तहजीब से एक तरफ गणेश चतुर्थी और दूसरी तरफ मोहर्रम का  जुलूस निकाला गया जिसमें बड़ी संख्या में हिंदू मुस्लिम। जुलूस में शामिल हुए शहर में कौमी एकता का मंजर देखने को मिला जहां एक और किन्नर समाज कचरिया मनाता है वही ताजिया भी रखे के कौमी एकता का मिसाल भी कायम करते हैं जगह-जगह सवारी और ताजियों की धूम से शहर जगमगा उठा पूरे शहर के ताजिया और सवारी बड़े फॉर रे होते हुए कोतवाली आते हैं जहां हकीकत मन देखने के लिए इंतजार करते हैं।

 यौमे आशूरा के दिन ही पैगम्बरे इस्लाम के नवासे हज़रत इमाम हुसैन ने अपने 72 जांनिसारों के साथ करबला के मैदान में शाहदत का जाम नोश फरमाया था। शहीदे-आजम की बेमिसाल कुर्बानी असत्य पर सत्य की फाटक का ऐलान है। यौमे आशूरा के दिन अकीदतमंद रोजा रहकर कसरत से तिलावत करते हैं। वहीं घर-घर फातेहा-ख्वानी का एहतेमाम किया जाता है।यह सवारी ताजिए सदर गोरा बाजार बड़ी ओम टी गलगला होते हुए कोतवाली पहुंचती है और सेहरे हिंदुस्तान और जबलपुर के लिए दुआएं मांगी

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