एमपी में भारी बारिश से बने बाढ़ जैसे हालात, इन जिलों में रेड अलर्ट जारी

भोपाल।

मध्यप्रदेश में हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्तव्यस्त कर दिया है। सभी बांधो के गेट खोल दिए गए है। जगह जगह से सड़क हादसों और लोगों के बहने की खबरे आ रही है। इसी बीच अगले चौबीस घंटो में फिर मौसम विभाग ने प्रदेश के 38 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है।विभाग ने प्रदेश के 18 जिलों में रेड अलर्ट और 20 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।मौसम विभाग की माने तो बारिश का ये दौर अभी दो तीन दिन और चलने वाला है।

इससे पहले सोमवार को प्रदेश के कई जिलों में झमाझम बारिश हुई। बड़वानी में जहां नर्मदा का जल स्तर 49 साल बाद रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया ,राजघाट टापू में तब्दील हो गया है, कई मकान डूब गए हैं। वही छतरपुर में 5 लोग पानी में फंस गए जिन्हें सही-सलामत निकाल लिया गया। इधर रायसेन के बरेली में डिलीवरी के लिए जा रही एक गर्भवती महिला बाढ़ में फंस गई, फिर प्रशासन ने रेस्क्यू के लिए अभियान चलाया और महिला सहित सभी लोगों को सही-सलामत निकाल लिया। महिला को तत्काल अस्पताल ले जाया गया जहां उसने जुड़वा बच्चों को जन्म दिया।खंडवा में तीन पुलिया पर करते वक्त एक युवक नाले में बह गया।फिलहाल होमगार्ड की टीम युवक की तलाश में जुटी हैं.

इसके साथ ही मंदसौर में गांधी सागर बांध का वॉटर लेवल 1311 फिट से ऊपर पहुंचने के बाद बांध के 14 गेट फिर खोल दिए गए हैं। बांध से 2 लाख क्यूसेक पानी लगातार छोड़ा जा रहा है जो राजस्थान के कोटा जिले के राणा प्रताप सागर में पहुंच रहा है।। इलाके में अलर्ट जारी कर दिया गया है। राणा प्रताप सागर के भी गेट खोल दिए गए हैं। लगातार बारिश के कारण जहां जनजीवन अस्त-व्यस्त है और फसलें खराब हो रही हैं। किसानों की मुख्य फसल सोयाबीन है जो लगभग 70% से ज्यादा खराब हो चुकी है।लगातार बारिश के कारण जहां कच्चे मकान भरभरा कर गिर रहे हैं।

इन जिलों में रेड अलर्ट

इंदौर, धार ,खंडवा ,खरगोन ,अलीराजपुर, झाबुआ ,बड़वानी, बुरहानपुर, उज्जैन, रतलाम ,शाजापुर, आगर ,देवास ,नीमच, मंदसौर, होशंगाबाद ,बेतुल और हरदा जिले में रेड अलर्ट जारी।

इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट

भोपाल ,छिंदवाड़ा ,जबलपुर ,मंडला, कटनी ,बालाघाट ,नरसिंहपुर ,सिवनी, रायसेन,राजगढ़ ,विदिशा ,सीहोर,अनूपपुर, डिंडोरी, उमरिया, शहडोल, गुना, अशोकनगर, रीवा और सागर जिले में ऑरेंज अलर्ट जारी।

मौसम को प्रभावित करने वाले कारक

-पहला एक कम दबाव का क्षेत्र उत्तर पूर्वी मध्य प्रदेश के आस पास के इलाके में बना हुआ है। साथ ही साथ हवा के ऊपरी भाग में 7 पॉइंट 6 किलो मीटर की ऊंचाई तक चक्रवाती हवाओं का बना हुआ है। जो ऊंचाई के साथ दक्षिण पश्चिम दिशा की ओर झुका हुआ है

-दूसरा मानसून द्रोणिका मीन सी लेवल पर गंगानगर करनाल इटावा से कम दबाव के क्षेत्र होते हुए डाल्टनगंज बांकुरा डायमंड हार बर से बंगाल की खाड़ी तक गया है। 

-तीसरा पूर्वी पश्चिमी हवाओं का सीआर जोन 22 डिग्री उत्तरी अक्षांश पर बना हुआ है।

यहां देखें अबतक कहां कितनी हुई वर्षा

प्रदेश में इस वर्ष मानसून में एक जून से 9 सितम्बर तक 32 जिलों में सामान्य से अधिक, 17 जिलों में सामान्य एवं शेष जिलों में सामान्य से कम वर्षा दर्ज हुई है। सर्वाधिक वर्षा जबलपुर जिले में और सबसे कम वर्षा सीधी जिले में दर्ज की गई है।

सामान्य से अधिक वर्षा वाले जिले

जबलपुर, सिवनी, मण्डला, नरसिंहपुर, सागर, सिंगरौली, इंदौर, धार, झाबुआ, अलीराजपुर, खरगोन, बड़वानी, खण्डवा, बुरहानपुर, उज्जैन, मंदसौर, नीमच, रतलाम, देवास, शाजापुर, आगर-मालवा, श्योपुरकलां, गुना, अशोकनगर, भोपाल, सीहोर, रायसेन, विदिशा, राजगढ़, होशंगाबाद, हरदा और बैतूल हैं।

सामान्य वर्षा वाले जिले

कटनी, बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिण्डौरी, दमोह, पन्ना, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, सतना, अनूपपुर, उमरिया, मुरैना, भिण्ड, ग्वालियर, शिवपुरी और दतिया हैं। सामान्य से कम वर्षा वाले जिले शहडोल और सीधी हैं।



"To get the latest news update download tha app"