मध्य प्रदेश के विकास पर लग सकता है ब्रेक, सीएम के गृह जिले में भी अटके प्रोजेक्ट

भोपाल।  मध्य प्रदेश के विकास पर एक बार फिर आर्थिक संकट मंडरा रहा है। सरकार के खजाने में विकासकार्यों के लिए पैसा नहीं बचा है। जिसका सीधा असर प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर पर देखने को मिल सकता है। प्रदेश में करबी 250 पुल के निर्माण पर ब्रेक लग सकता है। पुल निर्माण को लेकर बीते चार माह से भुगतान के लिए ठेकेदार परेशान हो रहे हैं। 

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में चल रहे पुल निर्माण के प्रोजेक्ट का 30 फीसदी भुगतान किया गया है। जिस वजह से पुल कि निरमाण कार्यों पर सीधा असर पड़ शुरू हो गया है। कमलनाथ सरकार ने जून महीने में ही 5,540 करोड़ के पुल निर्माण को स्वीकृति दी थी। राजधानी भोपाल में 5 , इंदौर में 6 और जबलपुर व छिंदवाड़ा में दो-दो फ्लाईओवर का निर्माण प्रस्तावित हैं। यही नहीं सरकार ने आने वाली पांच वर्षों का खाका तैयार किया है। जिसमें 400 जर्जर और मध्यम पुल के लिए दो हज़ार करोड़, 55 रेलवे ओवरब्रिज (1600 करोड़) और 17 फ्लाईओवर (1940 करोड़) के निर्माण की भी घोषणा की थी।


भोपाल के इन निर्माण पर संशय

- 100 करोड़ की लागत से जवाहर चौक से काटजू अस्पताल, रंगमहल चौराहा, रोशनपुरा चौराहा होते हुए राजभवन चौराहा तक 1.5 किमी लंबा प्रस्तावित फ्लाईओवर।


- 150 करोड़ की लागत से 2 किमी लंबा लालघाटी से बैरागढ़ होते हुए भैंसाखेड़ी जोड़ तक प्रस्तावित फ्लाईओवर।


 200 करोड़ की लागत से 3 किमी लंबा काली मंदिर तलैया से भारत टॉकीज, रेलवे स्टेशन तिराहा, नादरा बस स्टैंड, भोपाल टॉकीज चौराहा होते हुए शाहजहांनाबाद थाने तक प्रस्तावित फ्लाईओवर।


- 120 करोड़ की लागत से 2 किमी लंबे रेतघात से कर्फ्यू वाली माता मंदिर के सामने होते हुए इमामी गेट, हमीदिया अस्पताल से जीपीओ तक प्रस्तावित फ्लाईओवर।


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