सोशल मीडिया पर फंसाती थीं ग्राहक, गेस्ट हाउस में होती थी खातिर

इंदौर। सोशल मीडिया के जरिए आज कल कई लोग कारोबार कर रहे हैं। लेकिन इनमें कई जालसाज़ लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। ऐसा ही मामला इंदौर का सामने आया है। यहां इन्वेस्टमेंट के नाम पर लोगों से ठगी करते थे। पुलिस ने एडवाइजरी कंपनी के 20 अधकारियोंं और कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। जबकि, कंपनी के महिला निदेशक समेत पुलिस पांच लोगों की तलाश है। 

दरअसल, ट्रेड इंडिया रिसर्च इन्वेस्टमेंट एडवाइजरी कंपनी द्वारा एक सैनिक से 23 लाख रुपए की ठगी की गई। जिसके बाद उन्होंने पुलिस में इस मामले की शिकायत की। पुलिस ने दफ्तर पर छापामार कार्रवाई की है। पता चला है कि कंपनी द्वारा सोशल मीडिया पर लड़कियों के नाम से फर्जी प्रोफाइल बनवाई जाती थीं। यही नहीं उन प्रोफाइल से सोशल मीडिया पर अमीर लोगों को हनी ट्रैप में फंसाने का काम भी किया जाता था। डायरेक्टर बड़े निवेशकों को होटल और गेस्ट हाउस में ठहराकर उनके पास लड़कियां भी भेजती थी। फर्जीवाड़े में सेबी अफसरों की भूमिका संदिग्ध है।

डीआईजी रुचि मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि विजय नगर थाने के सामने मंगल सिटी में ट्रेड इंडिया नाम की कंपनी पर छापामार कार्रवाई की गई। इस कंपनी पर सैनिक से 23 लाख की ठगी का आरोप है। पुलिस ने यहां से कंपनी के स्टाफ को गिरफ्तार किया है। इनमें 20 लोग शामिल हैं। उन्होंने पूछताछ में बताया कि पूरे गिरोह की सरगना कंपनी की डायरेक्टर नेहा गुप्ता है। उसी ने सभी सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर लड़कियों की फर्जी प्रोफाइल बनाई थीं, जिनमें वह खूबसूरत लड़कियों की तस्वीर लगाती थी। फिर उन प्रोफाइल से चेटिंग कर लोगों को निवेश की लिए फंसाती थी। 

यही नहीं निवेशकों को मनाने के लिए लड़कियों तक को भेजना का काम किया जाता था। फर्जी आईडी के जरिए ही सोशल साइट्स से डेटा भी चुराकर सीआरएम पोर्टल पर अपलोड कर देते थे। ग्राहकों के नाम व नंबर देखकर कर्मचारी सिम एक्सचेंज से कॉल करना शुरू कर देते थे।

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