लापरवाह अधिकारी-कर्मचारियों पर ऐसी कार्रवाई हो, जिससे दूसरे सुधर जाएं

भोपाल। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने जन समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टरों को फरमान जारी किया है कि किसी भी समस्या की शिकायत आने का इंतजार न करें, यदि समस्या पता है तो उसका निराकरण करें। जनहित में जो अधिकारी व कर्मचारी लापरवाही करते हैं, उनके खिलाफ ऐसी कार्रवाई करें। जिससे दूसरे लापरवाह सुधर जाएं। कार्रवाई का जनहित में भी प्रचारित करे, जिससे लोगों को पता चले कि कलेक्टर काम कर रहे हैं। शिकायतों और समस्याओं का समाधान शत-प्रतिशत होना चाहिए। वे जन अधिकार कार्यक्रम में वीडियो कॉफ्रेंसिंग के जरिए कलेक्टरों को संबोधित कर रहे थे। 

मुख्यमंत्री ने 10 जिलों के 12 लोगों की समस्याओं का समाधान किया। सीएम ने शिकायतकर्ताओं से सीधे पूछा कि शिकायत दर्ज कराने से लेकर समाधान मिलने तक कितना समय लगा और किन-किन जगह विलंब हुआ। पीडि़तों ने प्रशासन की खामी उजागर की। जिस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि  शिकायत समय पर समाधान न करने वालों की जिम्मेदारी तय हो और उन पर की जाने वाली कार्यवाई की बुकलेट बनाई जाए ताकि लोगों को अपने दायित्व का भान हो सके।

महीने में दो बार गांवों में लगाना होगा दरबार 

राज्य सरकार ने हाल ही में आपकी सरकार-आपके द्वार कार्यक्रम की शुरूआत की है। जिसके तहत कलेक्टरों को महीने में दो दिन गांवों में जाकर जनसुनवाई करनी हेागी। जिसकी रिपोर्ट सरकार को भेजनी होगी। हालांकि यह प्रक्रिया पहले से है, लेकिन पिछले कुछ सालों में कलेक्टरों ने गांवों में जाकर जनसुनवाई करना बंद कर दी थी। 

"To get the latest news update download tha app"