केन्द्रीय मंत्री तोमर की मां पंचतत्व में विलीन, कमलनाथ, शिवराज, राकेश सिंह ने जताया शोक

ग्वालियर। केंद्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर की मां श्रीमती शारदा देवी का अंतिम संस्कार आज शाम मुरार स्थित मुक्तिधाम में किया गया । मुखाग्नि उनके छोटे पुत्र एवं नरेन्द्र सिंह तोमर के भाई अजय प्रताप सिंह ने दी । अंतिम संस्कार में मुख्यमंत्री कमलनाथ ,पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह सिंह सहित बड़ी संख्या में भाजपा और कांग्रेस के नेता शामिल हुए । 

ग्वालियर के उपनगर मुरार के आर्य नगर स्थित नरेन्द्र सिंह तोमर के पैतृक निवास पर शाम को शारदा देवी की पार्थिव देह दिल्ली से पहुंची।  मुख्यमंत्री कमलनाथ यहाँ पहुंचे और मृत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की साथ ही नरेन्द्र सिंह तोमर से मिलकर शोक संवेदना प्रकट की और उन्हें ढांढस बंधाया । उसके उपरांत उनके निवास से अंतिम यात्रा प्रारंभ हुई जो विभिन्न मार्गो से होती हुई मुरार मुक्तिधाम पहुंची । अंतिम यात्रा में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह शामिल हुए। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि ये भगवान की आज्ञा होती है जिसे टाला नहीं जा सकता। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि वे ममतामयी मां थी । मैं व्यथित और दुखी हूँ। वो मेरी भी मां थी ये  मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति है। उन्ही के आशीर्वाद से नरेन्द्र सिंह जी ने पहले प्रदेश की सेवा की और अब देश की सेवा कर रहे हैं। हम सबको भी उनका आशीर्वाद मिला है। प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने कहा कि ये हमारे पूरे भाजपा परिवार के लिए दुःख का समय है। उन्होंने तपस्विनी की तरह जीवन जिया। उनके दिए संस्कार नरेन्द्र सिंह में दिखाई देते हैं। वे ममता की मूर्ति थी। ईश्वर नरेन्द्र सिंह के परिवार को दुःख सहने की शक्ति प्रदान करे।

ग्वालियर के सांसद विवेक शेजवलकर, कैबिनेट मंत्री प्रद्युम्न  सिंह तोमर, इमरती देवी ने भी यहाँ पहुंचकर पुष्प चक्र अर्पित किए। पूर्व सांसद अनूप मिश्रा ने दिवंगत माता श्री को श्रद्धांजलि देते हुए कहा  कि मुझे माताजी और बाबूजी दोनों का हमेशा प्यार मिला है मेरे लिए ये व्यक्तिगत पीड़ा है। नरेंद्र सिंह तोमर के पारिवारिक मित्र उदय घाटगे ने कहा कि माँ हम दोस्तो से भी बेटों की तरह प्यार करती थी।  नरेंद्र सिंह जी को मजबूत बनाने और संबल प्रदान करने में उनका बड़ा योगदान था आज वे जहां है अपनी माताजी के आशीर्वाद से ही पहुंचे हैं। उन्हें रामायण,महाभारत और गीता का अच्छा ज्ञान था। उदय घाटगे ने कहा कि अक्सर रात को देर हो जाने पर मां ही दरवाजा खोलती थी। शवयात्रा में भारी संख्या में भाजपा कांग्रेस सहित अन्य राजनीतिक पार्टियों के नेता कार्यकर्ता,समाजसेवी, व्यवसायी, बुद्धिजीवी,प्रशासनिक अधिकारी और आमजन मौजूद थे।

"To get the latest news update download tha app"