क्या चीफ सेक्रेटरी को 1 घंटे इंतजार करा सकते हैं कलेक्टर.. इसरानी

भोपाल/छतरपुर।

 छतरपुर के कलेक्टर द्वारा बीजेपी के विधायक को एक घंटे इंतजार कराने का मामला गर्मी पकड़कर जा रहा है। विधायिका से जुड़े लोग इसे सीधे-सीधे विधानसभा के सदस्य विधायक का अपमान बता रहे हैं। विधानसभा के पूर्व प्रमुख सचिव रहे भगवान देव ईसराणी का मानना है कि प्रोटोकॉल के हिसाब से विधायक का दर्जा मुख्य सचिव से ऊपर होता है और कलेक्टर को यह बात जानकारी में होना जरूरी है। ईसराणी ने सवालिया निशान खड़े करते हुए कहा कि क्या कलेक्टर मुख्य सचिव को एक घंटे इंतजार करा सकते हैं ।

किसी भी कलेक्टर के पास काम की बहुतायत होती है लेकिन यही स्थिति जनप्रतिनिधि के साथ में रहती है और कलेक्टर को यह समझना चाहिए कि जनप्रतिनिधि जनता का सेवक है और जनता की आवाज लेकर ही उनके पास आए हैं ।इस राणी ने इसे अति गंभीर मामला बताते हुए कहा कि विधायकों के लिए विधानसभा में विधायक सेवा सम्मान समिति बनी हुई है जहां पर इस तरह के मामले जाते हैं और ऐसा व्यवहार करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाती है ।

मध्य प्रदेश सरकार के जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने भी कलेक्टर के इस कृत्य की निंदा की है और कहा है कि जनप्रतिनिधि कोई भी हो और अफसर कोई भी कितना भी व्यस्त हो, अफसर को जनप्रतिनिधि का सम्मान करना चाहिए। पीसी शर्मा ने कहा कि यह मामला मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के संज्ञान में है ।वहीं विधानसभा की उपाध्यक्ष हिना कावरे का कहना है कि विधायक का सम्मान विधानसभा का सम्मान है और यदि विधानसभा के सदस्य के साथ इस तरह की अप्रिय स्थिति बनी है और उनके पास कोई शिकायत आती है तो वे संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगी।

"To get the latest news update download tha app"