जल्द बिकेगी नारायणपुरा शुगर मिल, किसानों और कर्मचारियों को मिलेगा बकाया

गुना।

मध्यप्रदेश के गुना जिले में फरवरी से बंद पड़ी नारायणपुरा शुगर मिल का फैसला हो गया है। सरकार ने इसे बेचने और जो राशि आएगी उससे कर्मचारियों और किसानों की देनदारी चुकाने का फैसला किया है।इस पूरे घटनाक्रम में खास बात ये रही है कि ये फैसला पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय के कहने पर किया गया है। 

दरअसल, बुधवार को दिग्विजय सिंह और मंत्री जयवर्धन शुगर मिल समिति के सदस्यों के साथ मंत्रालय वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुराग जैन से मिलने पहुंचे थे। इस दौरान सहकारिता विभाग के प्रमुख सचिव अजीत केसरी को भी बुलवाया गया और मिल को लेकर चर्चा की गई। समिति के सदस्यों ने कहा कि इससे लगातार घाटा बढ़ रहा है, बीते आठ महिनों में 40 करोड़ से ज्यादा का घाटा हो चुका है।इस पर काफी देर चर्चा हुई और अंत में फैसला किया गया कि इसे बेचकर किसानों और कर्मचारियों का पैसा लौटाया जाए।

वर्तमान में मिल पर तीन हजार किसानों का दस से बारह करोड़ का बकाया है। इन किसानों ने मिल को गन्ना बेचा था जिसका पैसा अब तक नही मिला है। बताया जा रहा है कि जब भुगतान बंद हुआ और शुगर मिल घाटे में जाने लगी तो किसानों ने न केवल गन्ना देना बंद किया, बल्कि उत्पादन भी करना छोड़ दिया। वही बीते डेढ़ सालों से मिल में काम करने वाले कर्मचारियों को भी वेतन नही मिला है।ऐसे में समिति के लोगों ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह से मुलाकात की और इसे बेचने की बात कही। अब जब इसे बेचने का फैसला हुआ है तो यह कहा जा रहा है कि खरीदार निजी क्षेत्र की संस्था से कहा जाएगा कि वह मौजूदा कर्मचारियों के साथ ही शुगर मिल शुरू करे, ताकी उनका रोजगार ना छिने और उन्हें वही काम मिल सके। 

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