कमलनाथ सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन करने की तैयारी में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी

भोपाल।

प्रदेश के संविदा कर्मचारियाें के नियमितीकरण की कवायद तेज हाे गई है। मांगे पूरी ना होने से नाराज चल रहे संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।प्रदेश के 19000 संविदा कर्मचारियों ने संविदा स्वराज आंदोलन करने का फैसला लिया है। इस आंदोलन की शुरुआत कल दस अक्टूबर से होगी, जो 21 अक्टूबर तक चलेगा।

दरअसल, मामला संविदा कर्मचारियों को नियमित पद का 90 फीसदी वेतन देने का है। 5 जून 2018 को प्रदेश शासन ने आदेश जारी किया था कि संविदा कर्मचारियों को नियमित पद के 90 फीसदी के बराबर वेतन दिया जाएगा। इस आदेश के बाद पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन, महिला एवं बाल विकास, कुष्ठ उन्मूलन, राजस्व, भू-मंडल सहित 12 विभागों ने संविदा कर्मचारियों को बढ़ा हुआ वेतन देना शुरू कर दिया।लेकिन डेढ़ वर्ष बाद भी 19 हजार कर्मचारियों को बढ़ा हुआ वेतन नहीं दिया गया।जिसके चलते उनमे आक्रोश व्याप्त है।

संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के प्रांताध्यक्ष सौरभ सिंह चौहान ने बताया कि 1 साल 6 माह बाद मुख्यमंत्रीकमलनाथ के 1 अगस्त 2019 के सीधे निर्देश के बाद भी राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन/राज्य।स्वास्थ्य समिति में 5 जून 2018 सामान्य प्रशासन नीति के तहत 90 प्रतिशत वेतन के लागू न होने सरकार के प्रति खासी नाराजगी है।कांग्रेस सरकार द्वारा वचनपत्र अनुरूप नियमितीकरण की कार्यवाही भी न किए जाने, निष्कासित मलेरिया एम् पी डब्लयू ,अप्रेजल पद समाप्ति के कर्मचारियों की बहाली भी नहीं हो पाई है।कांग्रेस सरकार में एन एच एम् रोगी कल्याण समिति के 2500 सपोर्ट स्टाफ को आउटसोर्स भी किया गया। वेतन बढ़ाने के लिए हमें डेढ़ वर्ष से सिर्फ आश्वासन दिए जा रहे हैं। आश्वासन से 18 माह के बढ़े हुए वेतन का नुकसान हुआ है। इसी के चलते कर्मचारियों ने आंदोलन का फैसला किया है।

प्रमुख मांगें

1.सामान्य प्रशासन नीति अनुरूप 90 प्रतिशत वेतन अविलंब लागू किया जाए।

2.वचन पत्र अनुरूप नियमितीकरण ,किसान कर्जमाफी की तर्ज में किया जावे।

3.निष्कासित कर्मचारियों की सेवा बहाली हो और आउटसोर्स किए गए सपोर्ट स्टाफ को एन एच एम् में वापस लिया जावे।

संविदा स्वराज आंदोलन का कार्यक्रम

1. दिनांक 10, 11 अक्टूबर को जिला स्तर पर काली पट्टी बांधकर काम किया जाएगा।

2.दिनांक 16 अक्टूबर 2019 को जिला स्तर पर स्थानीय सत्ताधारी विधायक/मंत्री/कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम पर ज्ञापन दिया जाएगा।

3.दिनांक 21 अक्टूबर 2019 को राजधानी भोपाल में बड़ा धरना प्रदर्शन किया जाएगा।

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