सिंधिया ने म्यान से निकाली तलवार, शमी के पौधे से टच की, जनता ने लूटा सोना

ग्वालियर ।  रियासतें भले ही अब समाप्त हो गयी हो लेकिन रियासतकालीन परम्पराओं का निर्वाह ग्वालियर में आज भी जारी है । इसका उदाहरण है ग्वालियर में दशहरे के दिन किया जाने वाला शमी पूजन कार्यक्रम।  पूर्व सिंधिया रियासत के प्रमुख शमी के पौधे  का पूजन करते हैं और फिर जनता उसकी सुनहरी पत्तियों को लूटते हैं।सिंधिया परिवार के प्रमुख ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आज राजसी वेश भूषा में परंपरा का निर्वहन करते हुए शमी पूजन किया। उन्होंने कमर में बंधी म्यान से तलवार निकाली और जैसे ही उन्होंने शमी के पौधे से इसे टच किया जनता सोना लूटने दौड़ पड़ी।


ग्वालियर की पूर्व रियासत सिंधिया राजवंश से जुड़े मराठा सरदार आज मांढरे की माता के नीचे वाले मैदान पर सजधज कर महाराज का इन्तजार में बैठे थे। शहर की जनता भी वहां भारी संख्या में मौजूद थी। शाम ढलते ही सिंधिया परिवार के प्रमुख ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने बेटे महाआर्यमन सिंधिया के। साथ राजसी वेश भूषा में यहाँ पहुंचे। सिंधिया राजवंश के पुरोहितों ने दोनों से वैदिक मंत्रोच्चार के साथ शमी के पौधे का पूजां किया। परंपरागत ढंग से पूजन के बाद सिंधिया ने शमी के पौधे को जैसे ही  वे तलवार से टच किया वहां खड़ी जनता पेड़ की  सुनहरी पत्तियों को लूटने के लिए दौड़ पड़े। लोग इसे सोना मानते हैं।  पूजा के बाद श्री सिंधिया ने शहर और प्रदेश के लोगों को दशहरे की शुभकामनायें दी। उन्होंने कहा कि मेरे राज्य की जनता के साथ किसान खुशहाल रहे, बाढ़ से हुई तबाही से उसे जल्द राहत मिले।