अफसरों पर भड़के कमिश्नर, बोले-गड्ढे नहीं दिखते, कार छीनकर साइकिल से भेजूंगा तब आएगा समझ

इंदौर।

शहर में आधे-अधूरे काम होने पर सोमवार को   निगमायुक्त आशीष सिंह नर्मदा परियोजना के कार्यपालन यंत्री संजीव श्रीवास्तव पर भड़क उठे।उन्होंने यंत्री को दो टूक शब्दों में चेताते हुए कहा कि आप कार में जाते हो इसलिए सड़क के गड्ढे नहीं दिखते, अब गाड़ी छीनकर साइकिल से भेजूंगा, तब समझ आएगा। उन्होंने कहा आगे गलती हुई तो तनख्वाह भी कटेगी। 

दरअसल, सोमवार को सिटी बस कार्यालय में हुई समयसीमा बैठक आयोजित की गई थी।जिसमें नर्मदा  पाइप लाइन के लिए की जा रही खुदाई के बाद भराव ठीक से नहीं होने, मिट्टी से कीचड़ होने और गड्ढे खुले छूटने पर निगमायुक्त नाराज हो गए और उन्होंने कार्यपालन यंत्री को जमकर खरी-खोटी सुनाई।निगामायुक्त ने कहा कि जिन सड़कों पर पाइप लाइन के लिए गड्ढे खोदे गए, वहां इंतजाम ठीक नहीं हैं। वहां सुधार करवाएं, नहीं तो आपके घर के सामने गड्ढा खुदवा दूंगा, तब आपको अहसास होगा कि कितनी तकलीफ होती है। निगामायुक्त यही नही रुके उन्होंने आगे कहा  खुद साइट पर जाने के बजाय गाड़ी में घूमते हो, आपकी गाड़ी छीन लूंगा। फिर साइकिल पर घूमोगे। उन्होंने कहा आगे गलती हुई तो तनख्वाह भी कटेगी। 

निगमायुक्त ने निर्देश जारी किए थे कि रेस्टोरेशन कार्य तत्काल किया जाए। खोदे गए गड्ढों को भरा जाकर समतल किया जाए और उन पर पैवर ब्लॉक लगाए जाएं। यदि कच्ची जगह खुदाई की गई हो तो वहां पर चूरी या मुरम डाली जाए। बारिश के दौरान जल जमाव की स्थिति उत्पन्न नहीं हो।  उन्होंने निर्देश दिए कि जिन सड़कों पर नर्मदा प्रोजेक्ट की पाइप लाइन डाली जा रही है, वहां कीचड़ न हो, इसके लिए वहां पाइप लाइन डालने के बाद सड़क पर पेवर ब्लॉक लगाए जाएं। 

शिकायते मिलने पर जेडओ होंगें सस्पेंड

बैठक में निगमायुक्त जोनल अफसरों पर भी नाराज दिखे।उन्होंने कहा कि बारिश शुरू हुए 10 दिन बीत चुके हैं, फिर भी जोनल स्तर पर अधिकारियों ने जलजमाव के लिए उचित प्रबंध नहीं किए। अब यदि किसी भी इलाके में पानी भरने की शिकायत मिली तो जेडओ को सस्पेंड कर दूंगा

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