KBC में 50 लाख जीतकर सुर्ख़ियों में आई 'तबादले वाली मैडम' फिर चर्चा में

भोपाल। बार-बार तबादले से परेशान होकर पीएम को चिट्ठी लिखने और कौन बनेगा करोड़पति सीजन 2011 में 50 लाख रुपए जीतने वाली तहसीलदार अमिता सिंह तोमर एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार उन्होंने फेसबुक पर पोस्ट डालकर भ्रष्ट सरकारी सिस्टम पर सवाल उठाए हैं। साथ ही प्रशासन अकादमी में मिलने वाले प्रशिक्षण को भी कठघरे में खड़ा किया है। उन्होंने 9 अगस्त को एक पोस्ट लिखी थी। इसका शीर्षक उन्होंने दिया था 'चाटुकारिता और भ्रष्टाचार बनाम शासकीय सेवा' इसमें उन्होंने नायब तहसीलदारों को भ्रष्ट करार दिया है। इन्होंने लिखा है कि अकादमी में कार्य के प्रति निष्ठा नहीं बल्कि चाटुकारिता और भ्रष्टाचार की ट्रेनिंग दी जा रही है। 

अमिता सिंह ने अपने फेसबुक पर एक पोस्ट डाला। जिसका शीर्ष 'चाटुकारिता और भ्रष्टाचार बनाम शासकीय सेवा' है। 1087 शब्दों की पोस्ट में तहसीलदार ने नायब तहसीलदारों को भ्रष्ट और चाटुकार बता दिया। उन्होंने श्योपुर कलेक्टर को भी आड़े हाथों लिया है। अमिता सिंह ने अपनी पोस्ट में सरकार तंत्र को भी सड़ा हुआ बता दिया। उन्होंने लिखा है कि अब तो प्रशासनिक अकादमी में ही भ्रष्टाचार व चाटुकारिता की ट्रेनिंग दी जा रही है। उन्होंने लिखा कि नायब तहसीदार भ्रष्ट हैं। तहसीलदारों से छीनकर नायब तहसीलदारों को 2 से 3 प्रभार दिए जा रहे हैं। अमिता सिंह की पोस्ट सिविल सेवा अधिनियम एक्ट के अंतर्गत आती है। हालांकि अभी तक उनसे इस पोस्ट के संदर्भ में किसी तरह की पूछताछ नहीं की गई है। 

कौन बनेगा करोड़पति से आई सुर्खियों में 

अमिता सिंह तोमर कौन बनेगा करोड़पति में 50 लाख रुपए जीतकर सुर्खियों में आई थीं। तब वे श्योपुर में पदस्थ थी। वे सोशल मीडिया पर भी सक्रिय रहती हैं। पिछले साल जब राज्य शासन ने राजगढ़ से उनका तबादला सीधी कर दिया था, तब उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखा था।  तबादले का मामला उन्होंने सोशल मीडिया पर भी उठाया। हालांकि उन्हें सीधी जाकर ज्वाइन करना पड़ा । कुछ महीने में उनका तबादला सीधी से भी किया गया था, कोर्ट के आदेश पर तबादला स्थगित हुआ था और वह चुहरट में ही पदस्थ रहीं। इसके बाद उनका तबादला फिर हो गया| 

'ट्रांसफर वाली मैडम' कहकर उड़ाया जाता था मजाक, पीएम को लिखी थी चिट्ठी  

तहसीलदार अमिता सिंह तोमर ने तबादलों के पीड़ा जाहिर करते हुए कहा था 13 साल में 9 जिलों में 25 बार तबादले हो चुके हैं। इसकी शिकायत वे ट्वीटर के जरिए प्रधानमंत्री मोदी तक से कर चुकी हैं। राजगढ़ से चुरहट तबादले के बाद उन्होंने सवाल उठाए थे और महिला अधिकारी को 600 किमी दूर भेजने पर पीएमओ को भी शिकायत की थी। इससे पहले वो ब्यावरा में पदस्थ थी और 800 किमी दूर सीधी तबादला होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र औैर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को ट्विट कर न्याय की गुहार लगाई थी। अमिता, केबीसी में 50 लाख रुपए भी जीत चुकी हैं। उस समय उन्होंने कहा था कि पहले कभी उन्हें केबीसी वाली मैडम के नाम से पुकारा जाता था, लेकिन अब तबादले वाली मैडम कहकर मजाक उड़ाया जाता है।

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