छिन सकता है उमंग से मंत्री पद, कमलनाथ कैबिनेट में फेरबदल की अटकलें तेज

भोपाल।

एक तरफ पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और उमंग सिंघार का विवाद कांग्रेस की केंद्रीय अनुशासन समिति के पास पहुंच गया है। पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इस मामले की जांच अनुशासन समिति के अध्यक्ष एके एंटनी को सौंपी है। वही दूसरी तरफ से खबर आ रही है कि उमंग सिंघार के खिलाफ कई विधायकों और मंत्रियों ने सोनिया गांधी को पत्र लिखा है। शिकायती पत्र में कहा गया है कि उमंग सिंघार, सरकार को अस्थिर करना चाहते हैं। सोनिया गांधी इस पूरे मामले से नाराज हो गई है, माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में उमंग सिंघार की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

दरअसल, बीते दिनों कमलनाथ सरकार में वनमंत्री उमंग सिंघार ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था और एक के बाद एक कई गंभीर आरोप लगाए थे। जिसके बाद खूब बवाल मचा था। भोपाल से दिल्ली तक हड़कंप मच गया था और देशभर में कांग्रेस की किरकिरी हुई थी।इसके बाद हाईकमान के निर्देश पर सीएम कमलनाथ ने सिंघार को बुलाकर शांत रहने की नसीहत दी थी और विवाद को खत्म करने को कहा था। लेकिन जब पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय ने पीसी कर अपनी बात रखी और अनुशासन में रहने की बात कही तो उमंग ने फिर ट्वीट कर सियासत गर्मा दी। अब मामला ठंड़ा होता की शनिवार को दिग्विजय समर्थकों ने राजधानी में पोस्टर लगाकर फिर विवाद को हवा दे दी। बताया जा रहा है कि दिग्विजय सिंह ने सोनिया गांधी के सामने मामले की जानकारी देते हुए कहा है कि वो इस पूरे घटनाक्रम से बेहद दुखी हैं।

इसके बाद शनिवार को लगातार हो रही बयानबाज़ी की रिपोर्ट लेकर मुख्यमंत्री कमलनाथ ने दिल्ली में पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की है। उन्होंने प्रदेश में चल रहे सियासी घटनाक्रम की सभी जानकारी सोनिया को दी है। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि पार्टी नेताओं द्वारा दिए गए बयानों और अनुशासनहीनता के सारे मामले अनुशासन समिति को सौंप दिए गए हैं। इस समिति के अध्यक्ष कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री एके एंटोनी हैं। अब एंटोनी अब फैसला करेंगे कि जिन लोगों ने भी अनुशासनहीनता की है उनके साथ कौन सी कड़ी कार्रवाई की जाए।नाथ के इस संकेत से साफ है कि जल्दी ही अनुशासन समिति पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और उमंग सिंघार से उनका पक्ष पूछेगी और इसके बाद निर्णय लेगी। अंटोनी अपनी रिपोर्ट पार्टी आलाकमान को सौंपेंगे। नाथ से जब यह पूछा गया कि क्या दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी तो उन्होंने इतना ही कहा कि यह मामला अब अनुशासन समिति देखेगी।

सूत्रों के अनुसार, सोनिया गांधी ने विवाद खत्म होने के बाद जल्द ही कमलनाथ मंत्रिमंडल में फेरबदल करने के लिए कहा है। सोनिया गांधी ने तय किया है कि मध्य प्रदेश के लिए कांग्रेस अध्यक्ष का ऐलान 10  से 13 सिंतबर के बीच हो जाएगा। उन्होंने इस मामले पर चर्चा के लिए मध्य प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रभारी ज्योतिरादित्य सिंधिया को मुलाकात के लिए दस सितंबर को बुलाया है। बताया जा रहा है सोनिया गांधी उनसे चर्चा के बाद पार्टी अध्यक्ष के पद के लिए फैसला करेंगी। इसी के साथ मंत्रिमंडल को लेकर भी चर्चा हो सकती है। ऐसे में माना जा रहा है कि पार्टी द्वारा बड़ी कार्रवाई करते हुए  उमंग सिंघार को मंत्री पद से हटाया जा सकता है। 

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