बारिश का कहर, पानी-पानी गांव-शहर, एक साथ जारी रेड, ऑरेंज और यलो ALERT

भोपाल| मध्य प्रदेश में भारी बारिश का दौर जारी है, लगातार हो रही बारिश के चलते नदी नाले उफान पर है तो वहीं निचले इलाकों में जलभराव की स्तिथि बनी हुई है| वहीं कई इलाकों में बाढ़ के हालात हैं| मौसम विभाग की माने तो आफत की ऐसी बारिश दो तीन जारी रहेगी| प्रदेश में तीन सिस्टम सक्रिय है, जिसे देखते हुए मौसम विभाग ने अलग-अलग जिलों में अलग- अलग स्तर का अलर्ट जारी किया है| मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश के 32 जिलों में भारी बारिश के आसार हैं| 

मौसम विभाग ने एक साथ आठ जिलों में रेड, आठ जिलों में ओरेंज और 16 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा अन्य जिलों में भी अच्छी बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं भोपाल समेत कई जिलों में बांधों के गेट खुलने से नदी किनारे के क्षेत्रों में पानी भर गया है, कई गाँव जलमग्न हो गए हैं| नर्मदा, बेतवा, पार्वती, अजनाल, गंजाल आदि नदियां उफान पर चल रही हैं|  राजधानी में कलियासोत डैम के छह गेट खुले होने से नदी किनारे बसी बस्तियों को खाली कराया गया है। बारिश से प्रभावित जिलों में आवागमन पर असर पड़ा है।  

रेड अलर्ट (अत्यधिक भारी बारिश)

- हरदा, होशंगाबाद, नीमच, मंदसौर, रायसेन, नरसिंहपुर,सीहोर और रतलाम।


ऑरेंज अलर्ट ( अति भारी बारिश)

- बड़वानी, दमोह, देवास, धार, इंदौर, राजगढ़,विदिशा, उज्जैन।


येलो अलर्ट ( भारी बारिश)

- भोपाल,आगर, अलीराजपुर, अशोकनगर, बालाघाट, बैतूल,बुरहानपुर, छिंदवाड़ा, गुना, जबलपुर, खंडवा, खरगोन, मंडला, शाहजहांपुर, सागर, सिवनी।


बड़ी नदियां उफान पर, बांध लबालब 

प्रदेश की कई नदियाँ उफान पर चल रही हैं| लगातार बारिश से नर्मदा उफान पर है। होशंगाबाद में सेठानीघाट पर शाम 3:45 बजे नर्मदा का जलस्तर खतरे के निशान से मात्र 9 इंच कम है। खतरे का निशान 964 फीट है। प्रशासन के एहतियात के तौर पर अलर्ट जारी किया है और निचले इलाकों से लोगों को निकाला गया है।जबलपुर में भी भारी बारिश के कारण बरगी बांध के 21 गेट खोले गए हैं| जबलपुर में करीब साढ़े तीन इंच बारिश हुई। बरगी बांध के सभी 21 गेट खोल दिए गए हैं। बारिश एवं बांध के गेट खोले जाने के बाद नर्मदा के ग्वारीघाट, तिलवाराघाट, भेड़ाघाट जलमग्न हो गए। घाट के लोगों को ऊपर शिफ्ट किया गया।  रायसेन के बारना डैम के सभी आठ गेट खोल दिए गए हैं। वहीं सीहोर में 2 इंच से ज्यादा बारिश हुई है और पार्वती नदी उफान पर है।  तवा डेम के 9 गेट खोले जा चुके हैं| 

महेश्वर के सभी घाट डूबे

भारी बारिश के चलते मंदसौर का गांधी सागर बांध भी लबालब हो गया है। आज सुबह दस बजे डैम के तीन बड़े और सात छोटे गेट खोले गए। ऊपरी हिस्सों में बने बांधों के गेट खोलने के बाद नर्मदा में इस वर्ष चौथी बार बाढ़ की स्थिति बनी है। नर्मदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। महेश्वर के सभी घाट पर बनी छतरियां जलमग्न। नर्मदा मार्ग तक पानी पहुंच गया है। तट पर लगी सभी दुकानों को हटाया गया है।  ओंकारेश्वर में नर्मदा का जलस्तर बढ़ गया है। इच्छापुर स्टेट हाईवे पर बने मोरटक्का ब्रिज पर आवागमन बंद कर दिया गया है। दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लगी हैं।

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