हार के बाद पहली बार गुना पहुंचे सिंधिया का छलका दर्द, महिला कार्यकर्ता भी फूट-फूटकर रोई

गुना।

लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद रविवार को पहली बार पूर्व सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया गुना पहुंचे। इस दौरान कार्यकर्ताओं और नेताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया।  एक कार्यकर्ता ने तो उन्हें जनेऊ की माला पहनाई तो उन्होंने उससे अपनी फाइल बांधकर स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट को दे दी।वही चर्चा के दौरान सिंधिया का हार का दर्द छलक आया। सिंधिया ने कहा कि आपका नेतृत्व करने में मेरी तरफ से कमियां रह गईं, मैं जनता का विश्वास नहीं जीत पाया, मैं सिपाही हूं, जिसका दायित्व होता है अंतिम क्षण तक डटा रहना। हम कमियाें को दूर कर जनता का विश्वास जीतेंगे। इस पर सिंधिया के सामने बैठी महिला कार्यकर्ताओं के आंखो से आंसू छलक पड़े और वे तबतक रोती रही जब तक सिंधिया का भाषण चलता रहा।

इस दौरान सिंधिया भी थोड़े मायूस और बेहद थके हुए नजर आए। उन्‍होंने मंच पर पहुंचकर खुद अपने हाथ से तकिया उठाया और कार्यकर्ताओं के सामने जाकर बैठ गए। चर्चा के दौरान सिंधिया ने कहा वे हार की समीक्षा करने के लिए गुना पहुंचे हैं और समीक्षा करने के बाद जल्द ही संगठन को भी दुरुस्त करेंगे।मैं आपका था, आपका हूं और रहूंगा। जिंदगी में ऐसी घटनाएं होती हैं, ऐसी चीजों का सामना करना पड़ता है। घटना और परिणामों में भी जनता ने हमें सीख दी। इसे पहचाना और दायित्व काे निभाना है। उन्होंने कहा कि आप सबने मेरे और कांग्रेस के लिए खूब मेहनत की और काम किया, मैं आभारी रहूंगा। इस दौरान कई महिला कार्यकर्ताओं की आंखो से आंसू छलक पड़े और सिंधिया का भाषण जबतक  चलता रहा, तब तक महिला नेत्री रोती रही।

आगे सिंधिया ने कहा कि  प्रजातंत्र में जितनी महत्वपूर्ण जीत होती है, उतनी महत्वपूर्ण हार भी होती है। जिस पथ पर हम पिछले 17 साल से चलते आए है। मैंने अपने भाषणों में भी कई बार कहा है कि यह मेरा राजनीति नहीं जनसेवा का पथ है। विश्वास की कड़ी जनता के साथ जो हमारी दृण बनी थी, वह विश्वास की कड़ी टूटी है। इसके पीछे कई कारण हो सकते है। अब हमारी जिम्मेदारी है कि उन कारणों का विश्लेषण करूं। मेरे दायित्व और मेरे द्वारा कोई कमीं रही होगी। मैं जनता का विश्वास नहीं जीत पाया। मैं अपनी कमियों को दूर करूंगा। मेरी जिंदगी में दो भगवान है। अन्नदाता और मतदाता। गुना की जनता मैं आपका था, और जिदंगी भर आपका ही रहूंगा।

हार की समीक्षा के लिए सिंधिया ने बंद कमरे में पदाधिकरियों से भी चर्चा की। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री तुलसी सिलावट, महिला बाल विकास मंत्री इमरती देवी, श्रम मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया बंद कमरे के बाहर पहरा देते रहे। ब्लॉक अध्यक्षों के साथ सिंधिया ने बंद कमरें में बैठक का दौर देररात तक चलता रहा।



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