शिव'राज' के एक और फैसले पर कमलनाथ ने लगाई रोक

भोपाल।

सत्ता में आने के बाद से ही प्रदेश की कमलनाथ सरकार एक के बाद पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज के फैसलों को बदल रही है। अब कमलनाथ सरकार ने शिव 'राज' में शुरु हुए एक्सीलेंस अवॉर्ड पर रोक लगा दी है। बताया जा रहा है कि इन अवार्ड के लिए जिन अधिकारियों को चुना गया था, वे शिवराज के खास थे, इसी के चलते फैसले को बदलने का फैसला लिया गया है। सीएम की सहमति नहीं मिलने की वजह से नए सिरे से अधिकारियों के नाम मंगाए जाएंगे।मंत्रालय के अधिकारी अब नया विज्ञापन जारी करके नाम आमंत्रित करेंगे। 

दरअसल, सीएम के प्रमुख सचिव रहे आईएएस अधिकारी विवेक अग्रवाल, पूर्व भोपाल नगर निगम के आयुक्त तेजस्वी एस नायक, भोपाल नगर निगम के तत्कालीन अपर आयुक्त संजय कुमार, तत्कालीन विशेषज्ञ डॉ महाराज सिंह ठाकुर को तीन लाख रुपए के नगद इनाम के लिए चुना गया था। इसी तरह तत्कालीन उज्जैन कलेक्टर संकेत भोंडवे को 75 हजार, इंदौर के तत्कालीन एएसपी प्रशांत चौबे को एक लाख के लिए और प्रशासन अकादमी को 5 लाख रुपए के नगद पुरस्कार के लिए चुना गया था। इसके अलावा छह अधिकारियों और संस्था को अवॉर्ड देने के लिए राशि निकालने का प्रस्ताव भी शासन स्तर पर तैयार कर लिया था, लेकिन जैसे ही यह प्रस्ताव मुख्यमंत्री कमलनाथ के सामने रखा गया तो उन्होंने सिरे से इसे खारिज कर दिया और नए नाम मंगाने के निर्देश दिए।

बता दे कि वर्ष 2008 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसकी शुरुआत की थी।सीएम एक्सीलेंस अवॉर्ड में संस्थागत तौर पर 5 लाख और व्यक्तिगत तौर पर एक-एक लाख रुपए की नगद राशि का इनाम मिलता है। शिवराज सरकार ने वर्ष 2015-16 के लिए एक्सीलेंस अवॉर्ड की तो घोषणा कर दी, लेकिन बजट में प्रावधान नहीं किया। हाल ही में पेश हुए बजट में इस अवॉर्ड के लिए 18 लाख 41 हजार रुपए का प्रावधान किया गया। फिलहाल इस अवार्ड को रोक दिया गया है अब नए नाम आने पर इसकी शुरुआत की जाएगी।

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