विधानसभा के मानसून सत्र का आगाज, सदन में रहेगी इन मुद्दों की गूंज

भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र का आगाज सोमवार से हो गया है। सदन में दिवंगतों को श्रद्धांजलि दी गई| दिवंगतों को श्रद्धांजलि देने के बाद विधानसभा की कार्यवाही कल मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी गई है| 26 जुलाई तक चलने वाले सत्र में 15 बैठकें होंगी। सत्र में विधायकों द्वारा 4,362 प्रश्न पूछे गए हैं। 10 जुलाई को वित्तमंत्री तरुण भनोत वर्ष 2019-20 का बजट प्रस्तुत करेंगे। मानसून सत्र हंगामेदार होने के आसार हैं। जिसको लेकर कांग्रेस विधायक दल की बैठक हो चुकी है, जबकि भाजपा विधायक दल की बैठक आज होगी। जिसमें विपक्ष के नेता सरकार की घेराबंदी की रणनीति पर चर्चा करेंगे। विपक्ष किसानों की कर्जमाफी, बिजली कटौती, राज्य की बिगड़ी कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार की घेराबंदी करेगा। यदि विपक्ष अपनी रणनीति में कारगार रहा तो सरकार से फ्लोर मैनेजमेंट की मांग कर सकता है।  

भारतीय जनता पार्टी जनहित से जुड़े मुद़दों पर सरकार की घेराबंदी के साथ-साथ फ्लोर मैनेजमेंट में जुटी है। हालांकि भाजपा ने अभी तक अपने मंसूबे जाहिर नहीं किए हैं कि सत्र के दौरान यह मांग की जा सकती है। नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने यह कहकर सरकार को मुश्किल में डाल दिया है कि अगला एक महीना सरकार के लिए बेदह कठिन होगा। नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने भाजपा विधायक दल की बैठक 8 जुलाई को प्रदेश कार्यालय में बुलाई है। इससे पहले नेता प्रतिपक्ष की ओर से सभी विधायकों को संदेश भिजवाया जा चुका है कि सत्र के दौरान सदन में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें। साथ ही जनहित के मुद्दे पर सरकार की घेराबंदी के लिए पूरी तैयारी के साथ आएं। खास बात यह है कि भाजपा ने संगठन स्तर पर भी सत्र को लेकर जमावट की जा रही है। विपक्ष सत्र के दौरान सरकार से फ्लोर टेस्ट की मांग करेगा या नहीं इस पर विधायक दल की बैठक में भी चर्चा हो सकती है। विधायक दल की बैठक में प्रदेश प्रभारी विनय सहस्त्रबुद्धे से लेकर केंद्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, प्रदेशाध्यक्ष राकेश सिंह, संगठन महामंत्री सुहास भगत समेत अन्य नेता भी शामिल हो सकते हैं।

सत्ता पक्ष ने बनाई रणनीति 

सदन में विपक्ष की घेराबंदी और सवालों को टक्कर देने सत्ता पक्ष ने भी तैयारी कर ली है| रविवार को हुई कांग्रेस विधायक दल की बैठक में मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा है कि विधानसभा में बजट पारित कराए जाने के दौरान फ्लोर टेस्ट की स्थिति बन सकती है, इसलिए सदन में सभी मंत्री और विधायक उपस्थित रहें।  उन्होंने कहा कि सदन में ऐसी स्थिति न बने कि कोरम के अभाव में सदन की कार्रवाई बाधित हो। वहीं बैठक में दो दर्जन से ज्यादा विधायक नहीं पहुंचे। नाथ ने दो टूक कहा कि भाजपा से डरें नहीं, बल्कि डटकर मुकाबला करें। भाजपा के 15 साल का कुशासन जनता जानती है, जिसमें व्यापमं, ई- टेंडरिंग, पेंशन, बिजली और सिंहस्थ जैसे घोटालों की लंबी सूची है। मंत्रियों और विधायकों को 5 दिन के भीतर इन सभी घोटालों के पेपर उपलब्ध करा दिए जाएंगे, जिनको पढ़ें और जबाव दें। हमारी सरकार 120 साल पुरानी हैं। हमने किसानों की कर्जमाफी और पेंशन दोगुनी की है जिसे खुलकर बताएं।

ये मुद्द उठाएगा विपक्ष

विपक्ष सरकार को जनहित के मुद्दों पर घेरने की रणनीति बना रहा है। जिसमें बिजली कटौती और किसानों की कर्जमाफी प्रमुख मुद्दा होगा। प्रदेश में बिजली कटौती को लेकर विरोध की स्थिति सामने आने लगी है, ऐसे में भाजपा इसे सदन में मुद्दा बनाकर सरकार की घेराबंदी करेगी। साथ ही ऐसी योजनाएं जिन्हें सरकार बंद करने जा रही है, उन्हें भी मुद्दा बनाया जाएगा। भाजपा सूत्रों ने बताया कि विपक्ष किसानों की कर्जमाफी को लेकर किसानों के साथ बड़ा प्रदर्शन भी कर सकती है। कानून-व्यवस्था पर भी सरकार की घेराबंदी होगी।

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