एक्शन में सीएम कमलनाथ, सतना टेरर फंडिंग मामले में रिपोर्ट की तलब

सतना।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने हाल ही में सतना टेरर फंडिंग मामले में पकड़ाये आरोपियों को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए, उन पर कड़ी कार्रवाई करने के पूर्व में ही निर्देश जारी कर दिए हैं। सीएम कमलनाथ ने इस बेहद गंभीर अपराध में 2 वर्ष पूर्व पकड़ाये आरोपियों की जमानत होने व ज़मानत निरस्त को लेकर तत्कालीन सरकार ने क्या निर्णय लिया , आरोपियों की निगरानी की क्या व्यवस्था रही उस पर भी रिपोर्ट मांगी है। 

रविवार को एक बयान जारी कर मुख्यमंत्री ने कहा है कि इतने संगीन अपराध में पकड़ाए गए आरोपी की जमानत होने के बाद, वापस से उनका इसी अपराध में पकड़े जाना कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। मुख्यमंत्री कमलनाथ पूर्व में ही कह चुके है कि ऐसे तत्वों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने निर्देश देते हुए कहा है कि उस समय पकड़ाये, ज़मानत पर रिहा अन्य आरोपित वर्तमान में कहाँ है और क्या कर रहे है तथा उन पर निगरानी रखी गयी या नहीं, यह सारी रिपोर्ट मुख्यमंत्री ने तलब की है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि मामले मेें किसी को बख्शा नहीं जाए, इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश हो, इन्हें संरक्षण देने वालों का भी पर्दाफाश हो और मध्य प्रदेश की धरती पर इस तरह का देशद्रोही कार्य करने वाले रैकेट को नेस्तनाबूद किया जाए। साथ ही उन्होंने अब फरवरी 2017 में इस गंभीर मामले के खुलासे होने के बाद पकड़ाये आरोपियों की जमानत होने और जमानत होने के बाद जमानत निरस्त कराने के लिए अपील को लेकर उस समय की तत्कालीन सरकार ने क्या कदम उठाए, जमानत पर रिहा आरोपियों की निगरानी की क्या व्यवस्था की गई, इन सभी बिंदुओं पर रिपोर्ट तलब की है। 

गौरतलब है कि बीते दिनों बजरंग दल के पूर्व नेता बलराम सिंह और तीन अन्य को सतना जिले से रात में गिरफ्तार किया था। उन्हें टेरर फंडिंग और खुफिया जानकारी पाकिस्तान तक पहुंचाने के आरोप में पकड़ा गया है।  इन आरोपियों को 26 अगस्त तक एटीएस की हिरासत में भेज दिया गया है। इससे पहले बलराम और बीजेपी कार्यकर्ता ध्रुव सक्सेना को फरवरी 2017 में मध्यप्रदेश एटीएस ने गिरफ्तार किया था, उन्हें पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के मामले में पकड़ा गया था। इस मामले में कुल 15 लोग गिरफ्तार किए गए थे जिनमें से ध्रुव और बलराम सहित 13 आरोपियों को पिछले साल हाई कोर्ट ने जमानत दे दी थी।इसके बाद मामला ठंड़ा हो गया था।अब बलराम की गिरफ्तारी के बाद फिर सियासत गर्मा गई है और बीजेपी-कांग्रेस आमने-सामने हो गए है।इधर मुख्यमंत्री कमलनाथ ने पहले ही जांच के आदेश दे दिए थे और अब अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है। इस मामले में राजनैतिक सरंक्षण की भी बात सामने आई है।


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