भारी बारिश ने बढ़ाई किसानों की चिंता, नदी-नाले उफान पर, अगले 48 घंटे मप्र में हाईअलर्ट

भोपाल।

एक साथ तीन सिस्टम सक्रिय होने के कारण प्रदेशभर में तेजी बारिश हो रही है। नदी-नाले उफान पर है और कई गांवों का संपर्क टूट गया है। जल स्तर को बढ़ता देख कई बांधों के गेट भी खोले गए है। मौसम विभाग ने रविवार-सोमवार को भोपाल, उज्जैन, इंदौर, होशंगाबाद संभाग और हरदा जिले में भारी बारिश की चेतावनी दी है। इसके अलावा ग्वालियर, जबलपुर, नरसिंहपुर, सतना, रीवा, सिंगरौली में तेज बौछारें पड़ने की संभावना जताई है।

विभाग का कहना है कि मप्र के चारों ओर मानसून के चार सिस्टम सक्रिय हैं। यही वजह है कि भोपाल-इंदौर सहित प्रदेशभर में अच्छी और भारी बारिश हो रही है। मप्र में अरब सागर व बंगाल की खाड़ी से नमी मिल रही है और मप्र के ऊपर दोनों ओर से हवा का मिलन भी हो रहा है। ओडिशा कोस्ट पर बने सिस्टम और गुजरात पर बने चक्रवात के कारण बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आ रही हवाओं का मप्र के ऊपर टकराव हो रहा है। शुक्रवार रात से बनी इस स्थिति के कारण ही पूरे प्रदेश में तेज बौछारें पड़ने का सिलसिला शुरू हो गया। इस तरह की स्थिति अभी 2-3 दिन तक बनी रह सकती है। इस दौरान कहीं-कहीं भारी बारिश होने की भी आशंका है।

बड़ा तालाब फुल टैंक, डैम के तीन गेट खोले

 प्रदेश में अब तक 80.01 सेमी बारिश हाे चुकी है। यह अब तक की सामान्य बारिश 69.44 सेमी से 15% ज्यादा है। भोपाल में शनिवार शाम तक 119.70 सेमी बारिश हो चुकी है, जो सामान्य बारिश से 64% ज्यादा है।  लगातार बारिश की वजह से बड़ा तालाब फुल टैंक हाे गया। शनिवार सुबह भदभदा डैम के दाे गेट खाेले गए। इसके कारण कलियासाेत डैम के तीन गेट खाेलकर पानी निकालना पड़ा। पिछले 24 घंटे में प्रदेश के रायसेन व खजुराहाे में 4-4 इंच और विदिशा में 3.5 इंच पानी बरस गया। इसके अलावा हाेशंगाबाद, गुना व ग्वालियर में 2-2 इंच से ज्यादा एवं बैतूल में साढ़े तीन इंच, पचमढ़ी में डेढ़ इंच और इंदाैर में 2 सेमी बारिश हुई। 

इंदौर में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने अगले दो दिन में इंदौर, उज्जैन, भोपाल, होशंगाबाद संभाग और हरदा जिले में भारी बारिश की चेतावनी दी है। अगले 15 दिन तक इंदौर सहित प्रदेशभर में लगातार रुक-रुककर बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। शनिवार तक इंदौर में इस सीजन में 30 इंच बारिश हो चुकी है।वैसे इंदौर जिले में औसत बारिश 35 इंच होती है। ऐसे में औसत बारिश का आंकड़ा छूने के लिए पांच इंच बारिश की दरकार है।

बारिश ने किसानों की बढ़ाई टेंशन

वही लगातार बारिश ने जहां जनजीवन को अस्तव्यस्त कर दिया है वही किसानों की भी टेंशन बढ़ा दी है। फसलाें के लिए यह बारिश आफत बनी हुई है। अब फसलाें की बेहतरी के लिए धूप निकलना बहुत जरुरी है। वजह यह है कि यदि धूप नहीं निकलेगी ताे खेताें में लगे पाैधाें काे क्लाेराेफिल यानी भाेज्य पदार्थ नहीं मिलेगा।वही जो फसले है वो पानी के तेज बहाव से बह जाएगी, जिससे किसानों को भारी नुकसान हो सकता है।

रपटा क्षतिग्रस्त,  किसान परेशान

खंडवा/सिंगोट | यहां गांव से लगी भाम नदी के डोंगरघाट पर बना रपटा दो माह पहले क्षतिग्रस्त हो गया है। इससे किसानों को खेत पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वे 10 किमी का फेरा लगाकर रामपुरा होकर खेत पहुंच रहे हैं। उन्हें खेती के कामों में परेशानी हो रही है।वही समय अधिक लगने से फसलों को खाद व कीटनाशक का छिड़काव करने में कठिनाई आ रही है। किसान कई बार ग्राम पंचायत से भी इसकी शिकायत कर चुके है लेकिन अबतक कोई ध्यान नही दिया गया है।






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