VHP नेता की हत्या पर बवाल, शवयात्रा से पहले बढ़ाई सुरक्षा, शिवराज ने उठाए सवाल

मंदसौर।

मंदसौर में दिनदहाड़े विहिप नेता युवराज सिंह की गोली मारकर हत्या के बाद सियासत गर्मा गई है। हिन्दू संगठनों में आक्रोश व्याप्त हो गया है। वीएचपी नेता लगातार आरोपियों के गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।  कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे है।वही घटना के बाद पुलिस ने युवराज सिंह के घर के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी है।आज दोपहर में युवराज का अंतिम संस्कार किया जाना है। इसमें बड़ी संख्या में बीजेपी और विहिप के नेता शामिल होंगें।खबर है कि शव यात्रा के दौरान बीजेपी और वीएचपी नेता एसपी कार्यालय का घेराव करेंगे।हालांकि इसके पहले अबतक 20 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है।

इधर, परिजनों की रिपोर्ट के बाद पुलिस इलाके में लगे सभी सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है । शहर के तमाम बाहर जाने वाले रास्तों पर नाकाबन्दी कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है । पुलिस ने कुछ संदिग्ध आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है । बताया जा रहा है कि कुछ महिला मित्रों से भी पूछताछ की जा रही है।  युवराज सिंह की हत्या के बाद विश्व हिंदू परिषद और भाजपा समेत अन्य विपक्षी पार्टियों ने प्रदेश सरकार से घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं करणी सेना ने सीबीआई जांच करने को कहा है। 

शिवराज ने कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल

पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर कहा है कि 'मंदसौर में आज विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता युवराज सिंह की दिन दहाड़े हत्या कर दी गई। यह हत्या किसी व्यक्ति की नहीं बल्कि कानून और व्यवस्था की हत्या है। प्रदेश में अब कहीं कानून और व्यवस्था दिखाई नहीं देती।'

संदीप तेल हत्याकांड से युवराज का कनेक्शन

इंदौर में संदीप तेल हत्याकांड में आरोपित सुधाकर राव मराठा जेल में बंद है। मृतक युवराजसिंह चौहान लंबे समय से सुधाकर राव मराठा से जुड़े हुए थे, स्थानीय स्तर पर एसआरएम केवल नेटवर्क का मालिक था। और बताया जा रहा है कि सुधाकर के कई काम करते थे। इंदौर के संदीप तेल हत्याकांड में भी पुलिस जांच में युवराजसिंह का नाम आया था।

ये है पूरा मामला

गौरतलब है कि बुधवार को विहिप के विभाग सहमंत्री युवराजसिंह चौहान (45) की मंदसौर में  सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना को उस वक्त अंजाम दिया गया जब  सिंह होटल पर चाय पीने गया था। तभी बाइक सवार तीन बदमाश वहां आए और युवराज पर एक के बाद एक कई फायर कर दिए। एक ने कमर में पीछे से गोली मारी। फिर दूसरे ने पहले जबड़े, फिर सीने पर दो फायर किए और वो नीचे गिर गया।वही गोलियों की आवाज से घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची। आनन-फानन मे युवराज को अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।केबल नेटवर्क को लेकर भी मंदसौर में केबल ऑपरेटरों के बीच तनातनी चल रही थी। सूत्रों के अनुसार युवराज सिंह चौहान सुधाकर राव मराठा के कई जमीनी सौदों में शामिल थे जिसके चलते भी युवराज सिंह चौहान की हत्या हो सकती है। फिलहाल पुलिस हर एंगल पर अभी जांच कर रही है।

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