मप्र में कई इलाकों में बिगड़े हालात, इस दिन से फिर शुरू होगा तेज बारिश का सिलसिला

भोपाल। मध्य प्रदेश में देर से आये मानसून ने रुक रुक कर बारिश कराकर वर्षा का कोटा पूरा कर लिया है| इस महीने दो बार अच्छी बारिश का सिलसिला चला जो अभी भी जारी है| कई इलाकों में रुक-रुककर हल्की बारिश का दौर जारी है, लेकिन एक बार फिर पूरे प्रदेश में तेज बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है| मौसम विशेषज्ञ के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में 19 अगस्त तक एक सिस्टम सक्रिय होने वाला है,  इसके असर से 21 अगस्त के बाद भोपाल सहित प्रदेश में एक बार फिर बारिश का दौर शुरू होगा। जो 25-26 अगस्त तक चलने के आसार है, वहीं इस बीच अलग अलग क्षेत्रों में गरज चमक के बारिश हो सकती है| 

मौसम विशेषज्ञ के मुताबिक फिलहाल बारिश की गतिविधियों में कमी आई है, लेकिन एक बार फिर अच्छी बारिश मिलने वाली है। इसके लिए रविवार रात से बंगाल की खाड़ी में लो-प्रेशर बनने वाला है, जो सोमवार तक तैयार हो जाएगा। इससे 20-21 अगस्त से मध्यम से तेज बारिश हो सकती है। शनिवार को भोपाल में सुबह से चटक धूप खिली, फिर बादलों ने आसमान घेर लिया। दोपहर में हल्की बौछारें पड़ीं तो देर शाम तेज बौछारों गिरीं। वहीं चंबल क्षेत्र में 40 गांव बाढ़ से घिर गए| 500 लोगों को रेस्क्यू कर निकाला गया| वहीं ओंकारेश्वर बांध लबालब होने पर शनिवार को 23 में से 14 गेट ढाई मीटर तक खोलकर 4350 क्यूमेक्स और आठ टरबाइन से 1920 क्यूमेक्स पानी नर्मदा में छोड़ा गया। इससे नर्मदा न्यूनतम जलस्तर से करीबन 15 फीट ऊपर बहने लगी। सभी घाट जलमग्न हो गए। इसी तरह इंदिरा सागर बांध के 12 गेट एक-एक मीटर खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है।

चम्बल क्षेत्र में हालात बिगड़ गए, कोटा बैराज से लगातार पानी छोड़े जाने से चंबल नदी उफान पर है। इसके चलते  श्योपुर, मुरैना और भिंड के 27 गांव टापू बने हुए हैं । काेटा बैराज से अब तक  2.79 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से शनिवार को चंबल नदी मुरैना राजघाट पर खतरे के निशान से 2 मीटर ऊपर यानी 140.50 मीटर पर बही। जबकि पुराने पुल से पानी महज 5 फीट ऊपर रह गया। सरायछौला और अंबाह के आसपास गांवों में पानी भीतर तक घुस गया। इससे गांवों के रास्ते बंद हो गए। छह गांव टापू बन गए हैं। यहां ग्रामीणों को मोटर बोट की मदद से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।  भिंड के अटेर क्षेत्र में 19 गांव पानी भरने से टापू बन गए हैं।  दतिया में भी सिंध नदी के किनारे बसे गांवाें में अलर्ट किया गया है। उधर, श्योपुर में शनिवार को श्योपुर-सवाईमाधौपुर और श्योपुर-बारां मार्ग तो खुल गया। लेकिन खातौली पुल पर अभी भी चार से पांच फीट पानी होने से श्योपुर-कोटा मार्ग तीसरे दिन भी बंद रहा। श्योपुर में दो गांव टापू बने हुए हैं। शिवपुरी के मड़ीखेड़ा डैम के चार गेट खुले हैं।

बड़वानी.  राजघाट टापू बन चुका है। बावजूद 40 परिवार यहीं पर बसे हुए हैं। पानी दुकानों व घराें में घुस गया है। वहीं धार के निसरपुर के पास कोटेश्वर तीर्थ भी पानी में घिर गया है। इसमें 14 साधु फंस गए। एनडीआरएफ की टीम ने साधुओं को बोट में बैठाकर निकाला। 

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