एमपी में 'नकल' के बाद भी फेल हुए शिक्षकों पर लटकी एक्शन की तलवार

भोपाल| मध्य प्रदेश में स्कूलों में बच्चों की शिक्षा के स्तर को सुधारने कई कार्यक्रम संचालित किये जा रहे हैं, लेकिन उन्हें पढ़ाने वाले शिक्षकों में ज्ञान की इतनी कमी है, जो नक़ल करके भी पास नहीं हुए, सरकार के लिए यह एक चिंता का विषय बन गया है| अब ऐसे शिक्षकों पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है| 30 फीसदी से कम परिणाम वाले स्कूलों के शिक्षकों की पिछले दिनों विभाग ने जून में परीक्षा कराई थी जिसमे करीब 1300 शिक्षक फेल हो गए थे, अब एक बार फिर से मध्यप्रदेश में शिक्षकों की दक्षता परीक्षा 14 अक्टूबर को हुई है, जिसमे 70 शिक्षक ऐसे हैं जो नकल करके भी पास नहीं हो पाए हैं| 

खास बात ये कि इस परीक्षा में शिक्षकों को किताब ले जाने की भी छूट दी गई थी|  परीक्षा में कुल 1254 शिक्षक शामिल हुए थे|  वहीं 117 शिक्षक अनुपस्थित थे| यह स्थिति तब हुई जबकि शिक्षकों को किताब देखकर उत्तर लिखने की आजादी थी।  जब इस परीक्षा का परिणाम आया तो चौंकाने वाली स्तिथि का खुलासा हुआ, क्योंकि परीक्षा देने वाले 70 शिक्षक दोबारा फेल हो गए, जिन्हें अब अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जा सकती है| बताया जा रहा है कि  इन शिक्षकों की कॉपियां भोपाल मुख्यालय बुलाई जाएगी, जिनका मूल्यांकन दोबारा होगा और इसके बाद कार्रवाई होगी. भोपाल में 7 शिक्षकों ने परीक्षा दी थी जिनमें 1 शिक्षक फेल हो गया. सतना में सबसे ज्यादा 11 शिक्षक फेल हुए हैं| 

पिछली बार जब जून में परीक्षा ली गई तो सैकड़ों टीचर ऐसे थे जो 0-30 नंबर तक भी नहीं ला पाए। इसके बाद शिक्षकों को सरकार ने एक मौका और दिया । प्रदेश के विभिन्न जिलों में आयोजित परीक्षा केंद्रों पर किताब खोलकर सवालों के जवाब लिखते नजर आए। वहीं कई शिक्षक बिमारी और जरूरी काम का बहाना बनाकर अनुपस्थित रहे, इन पर विभाग कार्रवाई कर सकता है| गौरतलब है कि दसवीं और बारहवीं के परिणाम खराब आने के बाद सरकार ने पूरे प्रदेश से वैसे स्कूलों को चिह्नित किया था, जिसके परिणाम तीस फीसदी से कम आए थे। उसके बाद यह फैसला लिया गया, उन स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों का दक्षता टेस्ट लिया गया |  

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