BJP को लेकर कांग्रेस में कलह, विधायक खफा, पूर्व मंत्री ने की भविष्यवाणी

भोपाल।

पूर्व विधायक सुरेंद्रनाथ सिंह के वसूली मामले में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा दी गई धमकी के बाद कांग्रेस बैकफुट पर नजर आ रही है। एक के बाद मंत्री-विधायक बीजेपी नेता का समर्थन करने में जुट गए है और पुलिस की कार्रवाई को गलत बता रहे है। कांग्रेस विधायक कुणाल चौधरी के बाद अब कमलनाथ सरकार में कैबिनेट मंत्री पीसी शर्मा और गोविंद सिंह ने भी पूर्व विधायक का समर्थन किया है और पुलिस द्वारा की जा रही कार्रवाई को गलत बताया है और इस पर पुर्नविचार करने की बात कही है। इधर, कांग्रेस नेताओं के यूं एक के बाद एक समर्थन ने पार्टी में घमासाम मचा दिया है। 

दरअसल, कांग्रेस विधायक कुणाल चौधरी के बाद जनसपंर्क मंत्री पीसी शर्मा ने पूर्व विधायक का समर्थन किया है। शर्मा का कहना है कि धरना प्रदर्शन के दौरान जुर्माने की कार्यवाही करना ठीक नही है। राजनीति में धरना प्रदर्शन नैसर्गिक प्रक्रिया है।पिछली सरकार ने हमारे खिलाफ लगाए 100 से अधिक मामले दर्ज कर जेल भेजा थ।  स्वयं इस मामले में कलेक्टर से बात भी की है। जुर्माने पर फिर से विचार किया जाए।इधर, मंत्री पीसी शर्मा द्वारा भाजपा के पूर्व विधायक की पैरवी करने से मध्य क्षेत्र से कांग्रेस के विधायक आरिफ मसूद खफा बताये जा रहे है।सुत्रों की माने तो भोपाल की राजनीति मे गहरी पैठ रखने वाले मंत्री पीसी शर्मा दक्षिण पश्चिम से विधायक है वह मध्य विधानसभा क्षेत्र से प्रबल दावेदार थे परंतु पार्टी ने पचौरी समर्थक आरिफ मसूद को प्रत्याशी बनाया था।इसके बाद से ही दोनों के बीच कुछ ठीक नही चल रहा है।

सीएम से करुंगा अपील-गोविंद सिंह

इस दौरान कैबिनेट मंत्री गोविंद सिंह ने भी आंदोलन करने पर बीजेपी के पूर्व विधायक सुरेंद्र नाथ सिंह पर 23 लाख 76 हजार का जुर्माना लगाने का विरोध किया।उन्होंने कहा- प्रजातंत्र में आंदोलन नहीं होगा तो क्या होगा। पूर्व विधायक से वसूली रोकने के लिए मुख्यमंत्री से अपील करूँगा। कलेक्टर को भी निर्देश दूंगा।

पूर्व मंत्री ने की कांग्रेस को लेकर भविष्यवाणी

शिवराज के बाद पूर्व मंत्री विश्वास सारंग भी मम्मा के समर्थन में उतर आए है और उन्होंने सरकार को लेकर बड़ी भविष्यवाणी कर दी है।सारंग का कहना है कि कमलनाथ सरकार व्यक्ति के मौलिक अधिकारों की हत्या करने में लगी हुई है। कमलनाथ सरकार सुरेन्द्रनाथ सिंह पर लगाए गए सभी  जुर्माने का निर्णय वापस लेंगी। विश्वास सारंग ने कहा कि अगर कांग्रेस सरकार निर्णय वापस नहीं लेती है तो भाजपा कांग्रेस के इस निर्णय के खिलाफ प्रदर्शन करेंगी। 

पुलिस की कार्रवाई गलत, सबको अपनी बात रखने का हक-कुणाल चौधरी

 कांग्रेस विधायक कुणाल चौधरी ने भी पूर्व विधायक का समर्थन किया है। आज मीडिया से चर्चा के बाद चौधरी ने कहा कि पुलिस की कार्रवाई गलत है पता नहीं कैसे पुलिस ने वसूली का नोटिस भेजा । लोकतंत्र में सबको अपनी बात रखने का हक है। लोकतंत्र में धरना प्रदर्शन नहीं होंगे तो लोग अपनी बात कैसे रखेंगे। किसी पर भी वसूली की कार्यवाही ठीक नहीं है।नेताओं को भी  जनता के हितों का ध्यान रखना चाहिए। मुझे लगता है मुख्यमंत्री जी पुलिस के इस फैसले को निरस्त करेंगे।

शिवराज ने दी फैसला वापस लेने की धमकी

शिवराज ने इसे तुगलकी फैसला बताया है ।उनका कहना है कि सरकार जनाक्रोश से डरी हुई है। इन्हें डर है रोज ऐसे ही प्रदर्शन होंगे। लोग इंदिरा जी के आपातकाल के दौरान दमन नीतियों से नहीं डरे तो इससे क्या। कमलनाथ जी आपकी कुचलने वाली नीतियों  को कुचल देंगे। ऐसा मध्य प्रदेश नहीं देश के राजनीतिक इतिहास में कभी नहीं हुआ।कमलनाथ बीजेपी को डराने ओर दबाने की कोशिश कर रहे है।हम अपील करते है सरकार लोकतंत्र को कुचलने के तुगलकी फरमान ना निकाले । वही उन्होंने धमकी देते हुए कहा कि मैं भी देखूंगा कितनों की संपत्ति जप्त करते है।

ये है पूरा मामला

गुमठी व्यापारियों के समर्थन में बिना अनुमति के सीएम हाउस, वल्लभ भवन, पुलिस महानिदेशक और संभागायुक्त कल्पना श्रीवास्तव के चार इमली स्थित बंगले का घेराव के मामले में पूर्व विधायक सुरेंद्रनाथ सिंह (मम्मा) से 23 लाख 76 हजार 280 रुपए का नुकसान करने का आरोप लगा है। इसके चलते इन पैसों की वसूली अब पूर्व विधायक से की जाएगी। पुलिस ने इसका प्रस्ताव तैयार कर कलेक्टर तरुण पिथोड़े को भेज दिया है। पुलिस ने इसके पीछे तर्क दिया है कि 20 अगस्त को पूर्व विधायक सिंह और उनके समर्थकों द्वारा सीएम हाउस सहित 12 अलग-अलग स्थानों से घेराव किया गया था। इसके चलते पुलिस को प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए अतिरिक्त बल तैनात करना पड़ता था। कानून व्यवस्था में पुलिस के जवानों और अफसरों की ड्यूटी लगाई गई थी, इसके चलते पुलिस पुलिस प्रशासनिक, विभागीय और न्यायालयीन से जुड़े काम नहीं कर पाई।  आकस्मिक ड्यूटी के चलते पुलिस को 23 लाख 76 हजार 280 रुपए का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ा। इधर, पूर्व विधायक सुरेंद्रनाथ सिंह का कहना है कि 42 साल की उनकी राजनीतिक सफर में यह पहली घटना है, जब प्रदर्शन करने पर जुर्माना वसूली की बात की जा रही है। 


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