बाढ़ पीड़ितों को शिवराज के वेतन देने को मंत्री ने बताया नौटंकी, उंगली कटाकर शहीद होने जैसा

भोपाल| मध्य प्रदेश में भारी बारिश से कई इलाकों में हालात बिगड़ गए हैं, मंदसौर और नीमच में बाढ़ से लोगों के जीवन पर संकट आ गया है| बारिश से हो रहे नुकसान और बाढ़ पीड़ितों के लिए पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक अच्छी पहल करते हुए एक माह का वेतन देने का फैसला किया है, साथ ही उन्होंने सरकार से आग्रह किया है कि मंत्री मुख्यमंत्री अब बाहर निकले और लोगों को राहत प्रदान करे|  एक तरफ भारी बारिश से लोग प्रभावित हो रहे हैं तो वहीं इसको लेकर राजनीति भी शुरू हो गई है| शिवराज के बाढ़ पीड़ितों की चिंता करने को कांग्रेस ने नौटंकी बताया है| मंत्री पीसी शर्मा ने वेतन देने के शिवराज के फैसले पर कहा यह उंगली कटाकर शहीद होने जैसे है| 

मंत्री पीसी शर्मा ने कहा  शिवराज अगर पहले खेतों में चले जा जाते तो आज नहीं जाना पड़ता।  सीएम के निर्देश पर प्रशासन काम कर रहा है । किसी के जाने से कुछ नहीं होगा, जो करेगा प्रशासन करेगा । शिवराज के एक महीने का वेतन किसानों को देने पर प्रतिक्रिया जताते हुए कहा कि शिवराज उंगली कटाकर शहीद का दर्जा पाने की कोशिश कर रहे हैं ।  

पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बाढ़ के हालातों पर चिंता जताते हुए बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए एक महीने का वेतन देने का ऐलान किया है| शिवराज ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा सरकार हालातों की गंभीरता को नहीं समझ रही, किसानों को मुआवजा नहीं मिला तो आंदोलन करुंगा| पूर्व सीएम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रदेश में भारी बारिश से बिगड़े हालातों पर चिंता जताई| उन्होंने कहा प्रदेश का किसान तबाह और बर्बाद हो गया है, उस पर चौतरफा मार पड़ी है। सरकार ने कर्जमाफी का वादा पूरा नहीं किया, किसान डिफाल्टर हो गया, जिसके कारण बीज और खाद के लिए ऋण नहीं मिला। जैसे-तैसे कर्ज़ा लेकर बुआई की तो अतिवृष्टि में फसल बर्बाद हो गई। ऐसे में किसान की मदद बहुत ज़रूरी है। मंदसौर ज़िले में बाढ़ ने हाहाकार मचा रखा है। जनजीवन अस्त-व्यस्त है, लोग फँसे हुए हैं, कुछ का तो सर्वस्व नष्ट हुआ है। मैं मुख्यमंत्री कमलनाथ से आग्रह करता हूँ कि अब सरकार को बाहर निकल कर पीड़ित क्षेत्रों में जाना चाहिए। व्यापक पैमाने पर राहत और बचाव कार्य करने की आवश्यकता है।

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