सिंधिया ने कार्यकर्ताओं को दिया मूलमंत्र, PCC चीफ बनने को लेकर कही ये बात

इंदौर। आकाश धौलपुरे।

प्रदेश कांग्रेस के सम्भावित अध्यक्ष की दौड़ में सबसे आगे चल रहे कांग्रेस के दिग्गज नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया एक विशेष रणनीति के साथ मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर पहुंचे। सिंधिया के तय कार्यक्रम के मुताबिक वो सीधे दिल्ली से इंदौर पहुंचे। इंदौर पहुंचते ही कार्यकर्ताओ ने उनका जोरदार  तरीके से स्वागत किया। सिंधिया रविवार को सबसे पहले कांग्रेस विधायक संजय शुक्ला के घर पहुंचे जहां उनका जमकर स्वागत किया गया। इसके बाद सिंधिया सीधे इंदौर प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष दिवंगत शशिन्द्र जलधारी के घर वालो से मिलने पहुंचेंगे। यहां से वो देपालपुर विधायक विशाल पटेल के घर और बाद में पूर्व विधायक पटेल के घर उनसे मिलने पहुंचेंगे। सिंधिया डिप्लोमैसी के तहत कांग्रेस कार्यकर्ताओ और नेताओं से सीधा संवाद करने के लिये मालवी नगर पेट्रोल पंप के पास स्थित रंगून गार्डन में कार्यकर्ताओं के कार्यक्रम में भाग लेंगे। इसके बाद वो इंदौर शहर के कार्यकारी अध्यक्ष विनय वाकलीवाल से उनके घर पर मुलाकात कर संगठन को मजबूत करने के सम्बन्ध में चर्चा कर सकते है। वही देर शाम को एमपीसीए की बैठक में शामिल होकर इंदौर से सीधे ग्वालियर प्रस्थान करेंगे।  सिंधिया की अलग अलग गुटों के नेताओं से मुलाकात को पीसीसी चीफ को लेकर चल रही कवायद से जोड़कर देखा जा रहा है, इससे सिंधिया की राह आसान हो सकती है| वहीं सिंधिया की सक्रियता को लेकर कांग्रेस के अंदरखाने चर्चा शुरू हो गई है|

सिंधिया ने कहा बीजेपी का काम सवाल उठाना कांग्रेस का काम कार्य करके दिखाना

धारा 370 के मुद्दे पर मोदी सरकार की तारीफ करने के बाद ये अटकले तेज हो चली थी कि सिंधिया नाराज होकर बीजेपी में शामिल हो सकते है लेकिन दिल्ली में आलाकमान से मुलाकात के बाद इंदौर में उन्होंने साफ कर दिया| उन्होंने कहा प्रदेश में कांग्रेस संगठन को और भी मजबूत करना है जिसके बाद सारे राजनीतिक कयास अपने आप ही खत्म हो गए और वो अटकले भी जिसमे माना जा रहा था कि सिंधिया बीजेपी का दामन थाम सकते है। इंदौर में विधायक संजय शुक्ला के घर पर मीडिया से बातचीत के दौरान सिंधिया ने कहा उनका इंदौर आने का मकसद कार्यकर्ताओ से मुलाकात करना और बारिश से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करना और उन क्षेत्रों की समस्याओं को दूर करना है। वही प्रदेश अध्यक्ष के सवाल पर सिंधिया ने कहा कि कांग्रेस आलाकमान जो फैसला देगा वो मान्य होगा। मेट्रो ट्रेन को लेकर श्रेय लेने की राजनीति के सवाल पर सिंधिया ने साफ कर दिया कि मेट्रो ट्रेन कांग्रेस की देन है और बीजेपी को श्रेय लेने की आदत है क्योंकि बीजेपी के नेता केवल बयान देना जानते है। सिंधिया ने बीजेपी पर निशाना साधा और कहा कि बीजेपी का काम सवाल उठाना है लेकिन कांग्रेस का काम कार्य को करना है। कुल मिलाकर इंदौर में सिंधिया ने ये साफ कर दिया कि वो प्रदेश में कांग्रेस संगठन को मजबूत करने की कोशिश में जुटे हुए जिससे लग रहा है कि आने वाले दिनों में उन्हें एक बड़ी जिम्मेदारी मध्यप्रदेश के लिए मिलने वाली है जिसके संकेत अभी से मिलना शुरू हो गए है।

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