इंसानी रोबोट में तब्दील हो रहे हैं डॉक्टर पीटर

विदेश डेस्क।

साइंट फिक्शन, हॉलीवुड फिल्मों और कई टीवी सीरियल में हम ऐसे इंसान को देख चुके हैं, जो आधा मनुष्य है और आधा मशीन। ये कुछ कुछ महामानव सा होता है जिसके पास कई आधुनिक शक्तियां होती है।

 लेकिन अब ये सिर्फ कल्पना नहीं है, ब्रिटेन के वैज्ञानिक डॉक्टर पीटर स्कॉट मॉर्गन वाकई में ऐसे इंसान बन गए हैं जिनका आधा शरीर रोबोटिक है। दरअसल डॉक्टर पीटर मांसपेशियों की गंभीर बीमारी मोटर न्यूरॉन से जूझ रहे थे, उनके शरीर के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था। ऐसे में उन्होने विज्ञान का सहारा लिया..अब डॉक्टर पीटर एक सायबोर्ग (आधा इंसान, आधा रोबोट) में परिवर्तित होने के अंतिम चरण में हैं। सायबोर्ग ऐसे रोबोट को कहते हैं, जिसमें इंसानी दिमाग होता है और ये दिमाव व कुछ अंग काम करते रहते हैं।

 अपनी गंभीर बीमारी के बारे में पता लगने पर डॉक्टर पीटर के सामने एक रास्ता तो ये था कि वो धीरे-धीरे आती मौत की आहट सुनते रहते, लेकिन उन्होने हार नहीं मानी और फैसला किया कि इस स्थिति को भी वे एक साइंस मिरेकल में बदल देंगे। उन्होने इसे एक चुनौती के रूप में स्वीकारा है...अब उनकी इच्छा है कि पूरी तरह रोबोट में बदलने के बाद उनका नाम भी कुछ कुछ रोबोटिक हो जाए और उन्होने अपने इस नए अवतार के लिए पीटर 2.0  नाम चुना है। फिलहाल उनका चेहरा रोबोटिक हो चुका है, आर्टिफिशियल मांसपेशियां और चेहरे में लगाए गए आई कंट्रोलिंग सिस्टम से वो कई कंप्यूटर्स को आंखों के इशारे से चला सकते हैं। साथ ही उनके शरीर के तीन अन्य हिस्सों मे भी यंत्र लगाए जा चुके हैं। इस कठिन स्थिति को भी मन से स्वीकारते हुए डॉक्टर पीटर का कहना है कि वो मर नहीं रहा हैं, बल्कि बदल रहे हैं। उनका केस विज्ञान के इतिहास में एक नया कीर्तिमान रचने जा रहा है। पीटर 2.0 बनने के साथ ही 13.8 अरब वर्षों में पहली बार ऐसा होगा कि कोई इंसान इतना एडवांस रोबोट बनेगा।

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