कमलनाथ ने भार्गव को पत्र लिखकर दिया आरोपों का करारा जवाब

भोपाल।

बीते दिनों नेता प्रतिपक्ष गोपल भार्गव ने प्रदेश की कमलनाथ सरकार पर लोकसेवा केंद्रों के टेंडरों में गड़बड़ी का आरोप लगाया था और कहा था कि  प्रदेश सरकार अपने चहेतों को उपकृत करने में नीति नियम को तोड़ मरोड़ रही है। सरकार को निष्पक्ष होकर काम करने की जरूरत है। करीब एक हफ्ते बाद अब सीएम कमलनाथ ने भार्गव को पत्र लिखकर सारे आरोपों का जवाब दिया है। कमलनाथ ने भार्गव के सभी आरोपों को एक सिरे से खारिज कर दिया है।

कमलनाथ ने लोकसेवा केंद्रों के टेंडर में गड़बड़ी के आरोपों को खारिज करते लिखा है कि सारे टेंडर में पारदर्शिता बरती गई है।लॉटरी निकालकर सभी का चयन किया गया है। चयन प्रक्रिया पूरी तरह से नियमानुसार और पारदर्शी है।साथ ही उन्होंने बताया है कि प्रक्रिया में कोई राजनैतिक दबाव की गुंजाइश नही है। शिकायतों औऱ समस्याओं को लेकर हमें एक मंत्री परिषद की उपसमिति गठित भी,जिन्होंने इसका परीक्षण किया। लोकसभा सामान्य निर्वाचन की आदर्श आचार संहिता के चलते निविदा प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया है। आप आश्वस्त रहे यह प्रक्रिया नियमानुसार और पूर्ण पारदर्शिता के साथ सम्पन्न होगी। 

दरअसल, नेता प्रतिपक्ष भार्गव ने बीते दिनों मुख्यमंत्री को एक पत्र लिखकर कहा था कि लोकसेवा केन्द्रों के नवीन टेंडर दिनांक 05 मार्च 2019 को जारी किये गये थे पुराने लोकसेवा  केन्द्र 25 रूपये प्रति आवेदन की दर से कार्य कर रहे थे परन्तु नवीन टेंडर जारी करने के बाद दर 25 रूपये से 35 रूपये दिनांक 07 मार्च 2019 के राज्य लोक सेवा अभिकरण द्वारा पत्र जारी कर दर बढ़ा दी गई । राज्य सरकार को लोकसभा चुनाव की आचार संहिता की संभावित तिथियों की जानकारी थी । उक्त संभावित तिथियों में भी निविदा जारी की गयी । बाद में निविदा जमा करने की उक्त तिथि 03 अप्रैल 2019 से बढ़ाकर 25 मई 2019 कर दी गई । उक्त तिथि में भी अपने चहेतों की निविदा जमा न होने के कारण निविदा जमा करने की दिनांक 30 मई 2019 कर दी गई । दिनांक 28 मई 2019 को पत्र जारी कर प्रदेश की निविदाओं में अपने चहेतों को लाभ दिलाने के उद्देश्य से निविदा प्रक्रिया एवं नियमों को बार-बार बदलने का सिलसिला आरंभ हुआ एवं निविदा प्रक्रिया को राज्य लोक सेवा अभिकरण द्वारा उलझाया गया । दिनांक 07 जून 2019 को पुनः पत्र जारी कर नियमों को बदल दिया गया ।साथ ही पुराने लोक सेवा केन्द्र के संचालकों को प्रत्येक एक-एक, दो-दो माह एक्सटेंशन कर दिया गया । मामला शांत होते ही कुछ चहेतों को लाभ दिलाने के उद्देश्य से नये नियम लागू कर फिर से निविदा प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। उन्होंने कहा कि मुझे जिलों से लगातार हो रही धांधली की जानकारी मिली है। राजनीतिक दबाव में अपने चहेतों को लोक सेवा केन्द्र आवंटन की प्रक्रिया भी बंद कमरे में हो रही है।नेता प्रतिपक्ष ने पूरी प्रक्रिया को तत्काल रोकने ओर आवेदकों की पूरी राशि तत्काल वापिस किये जाने की मांग की थी।जिसके बाद कमलनाथ ने पत्र लिखकर उन्हें जवाब दिया है।


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