केंद्र पर ठीकरा फोड़ने के बजाए किसानों की मदद करे सरकार: नरोत्तम मिश्रा

भोपाल। मध्य प्रदेश में बाढ़ के राहत कार्यों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष में रार शुरू हो गई है। कमलनाथ सरकार का आरोप है कि केंद्र सरकार उसको राहत राशि उपलब्ध कराने में सहयोग नहीं कर रही है। गृह मंत्री बाला बच्चन ने केंद्र सरकार से तत्काल राहत राशि जारी करने की मांंग की है। उनके आरोपों पर अब पूर्व मंत्री और भाजपा के कद्दावर नेता नरोत्तम मिश्रा ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि किसानों की मदद के नाम पर प्रदेश की जनता को सरकार गुमराह कर रही है। 

उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य सरकार केंद्र सरकार पर ठीकरा फोड़ने के बजाए पहले यह बताए कि अपनी ओर से अभी तक बाढ़ प्रभावितों और किसानों को कितनी मदद की गई है। उन्होंने कहा कि वह राज्यपाल लालजी टंडन को पत्र लिखने की बात भी कही है। उन्होंने  सरकार से बढ़ पीड़ितों की मदद के लिए श्वेत पत्र जारी करने कि की मांग भी की है। 

गौरतलब है कि आज ही गृह मंत्री बाला बच्चन ने बाढ़ प्रभावितों की मदद के लिए केंद्र सरकार से दो हज़ार करोड़ देने की गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बाढ़ और भारी बारिश से करीब दस हज़ार करोड़ का नुकसान हुआ है। कई अहम योजनाओं की राशि केंद्र सरकार द्वारा जारी की जाती है। लेकिन वह राशि रोकदी गई है। जिससे प्रदेश के कई जरूरी कामकाज पर ब्रेक लग गया है। दूसरी ओर प्रदेश में मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा ने सरकार के खिलाफ आंदोलन करने की भी चेतानी दी है। प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने कहा है कि अगर राज्य सरकार ने 20 सितंबर तक बाढ़ प्रभावितों और किसानों की मदद नहीं की तो वह सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ आंदोलन करेगी। 

शिवराज ने भी दी आंदोलन की धमकी

सोमवार को प्रदेश के मंदसौर जिले में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने की चेतावनी दी थी। उन्होंंने कहा था कि सरकार जल्द ही बाढ़ प्रभावितों की मदद करे। अगर ऐसा नहीं किया जाता है या फिर कोई लापरवाही होती है तो फिर 22 सितंबर से वह विरोध प्रदर्शन करेंगे। लेकिन पार्टी ने 20 को विरोध प्रदर्शन करने के लिए कहा है। इस तरह बीजेपी में भी दो फाड़ की स्थिति बन गई है।

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