दिग्विजय बोले, भगवा वस्त्र पहनकर मंदिरों में हो रहे बलात्कार, BJP ने किया कड़ा विरोध

भोपाल| भगवा आतंकवाद को लेकर हमेशा विरोधियों के निशाने पर रहने वाले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने एक बार फिर भगवा को लेकर बयानबाजी की है, जिसको लेकर एक बार फिर वो निशाने पर आ गए हैं| भोपाल में आयोजित संत समागम में साधु संतों को सम्बोधित करते हुए दिग्विजय कुछ ऐसा कह गए जो जिसको लेकर विवाद शुरू हो गया है| दिग्विजय ने कहा आज कुछ लोग भगवा पहन कर चूरन बेच रहे हैं, भगवा वस्त्र पहनकर मंदिरों में बलात्कार हो रहे हैं| बीजेपी ने दिग्विजय के इस बयान की कड़ी निंदा करते हुए कांग्रेस से माफ़ी मांगने की मांग की है| 

दरअसल, भोपाल में अध्यात्म विभाग की ओर से संत समागम का आयोजन किया गया, इसमें देश भर के साधू संत शामिल हुए| साधु संतों के इस कार्यक्रम में सियासी बयानबाजी भी हुई और सीएम कमलनाथ ने बीजेपी पर निशाना साधा| वहीं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कुछ ऐसा कह दिया जिसको लेकर अब विवाद खड़ा हो गया है| दिग्विजय ने कहा भगवा पहन कर आज कुछ लोग चूरन बेच रहे हैं, भगवा वस्त्र पहनकर मंदिरों में बलात्कार हो रहे हैं, यह चिंता का विषय है| ऐसे लोगों को ईश्वर कभी माफ़ नहीं करेगा| देश में अलग अलग जगह से सामने आई कुछ घटनाओं की और इशारा करते हुए दिग्विजय ने अपनी चिंता जाहिर की| लेकिन दिग्विजय के यह बोल उलटे पड़ गए| भाजपा ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है| 

कौन सी मिशनरीज के एजेंडे पर खेल खेल रहे हैं दिग्विजय 

मध्यप्रदेश बीजेपी के प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने ट्वीट कर दिग्विजय के बयान की कड़ी निंदा की है| उन्होंने लिखा "पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह जी द्वारा फिर भगवा को अपमानित करने का दुस्साहस किया गया है। भगवा पहने सभी संत समाज के प्रति दुर्भावना फैलाकर उन्हें अपराधी ठहराने के कार्य कर रहे हैं। हर भगवाधारी ही संदिग्ध बनाने का कार्य ! घोर आपत्तिजनक। शर्मनाक।" उन्होंने आगे लिखा "दिग्विजय सिंह जी कौन सी मिशनरीज के एजेंडे पर खेल खेल रहे हैं ? हिंदुओं और हिंदुओं के संतो को अपमानित कर रहे हैं । अगर कोई अपराधी या अपराध का आरोपी है तो उससे पूरा भगवा  धारी संदिग्ध नहीं हो जाते। क्या मौलवियों और पादरियों के वेश भूषा बारे में भी अब यही विचार प्रकट करेंगे ?"|

जय श्रीराम नहीं, जय सिया राम बोलना चाहिए 

संत समागम में दिग्विजय ने जय श्रीराम के नारे राजनीतिक बताया| उन्होंने कहा नारा जय सिया राम होना चाहिए। भगवान राम सबके, ईश्वर सबका है लेकिन अब ईश्वर को भी राजनीति मे खीच लिया गया है|  दिग्विजय ने दी सीएम कमलनाथ को बधाई देते हुए कहा कमलनाथ ने आनंद विभाग को खत्म कर धर्मस्व विभाग बनाया| पूर्व सरकार और मौजूदा सरकार की सोच में यही फर्क है| धर्म का उपयोग राजनीति में नहीं होना चाहिए, धर्म सबका है भगवान राम सबके हैं| 

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