कैबिनेट मंत्री की कार्रवाई पर उठे सवाल, बीजेपी ने मांगा इस्तीफा

भोपाल।

मध्य प्रदेश सरकार के जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा की कार्रवाई पर अब सवाल उठने लगे है । दरअसल, मंत्री ने सहायक प्राध्यापक परीक्षा 2017 में 16 अगस्त को गड़बड़ी  की शिकायत पर एसडीएम को पत्र लिखकर जांच  के निर्देश दिए थे।  इसके बाद 23 अगस्त को पत्र लिखकर कहा परीक्षा में कोई गड़बड़ी नहीं हुई जांच ना करें ।मंत्री ने सीधे तौर पर भर्ती परीक्षा को क्लीन चिट दे दी। इस गड़बड़ी के बाद बीजेपी ने मंत्री के इस्तीफे की मांग की है।

मामले बढ़ने पर मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि पहले का पत्र है, यह फरवरी में लिखा गया था ,किसी ने डेट चेंज कर दी इसलिए दूसरा का पत्र लिखा गया था ।एसटीएफ इस मामले में जांच शुरू कर चुकी है ।वही इस पर बीजेपी विधायक विश्वास सारंग ने सरकार पर आरोप लगाया है और कहा कि यह अपने आप में गड़बड़ी का प्रत्यक्ष मामला है।मंत्री बताए कि पहले किसके दबाव में पत्र लिखा था और अब किसके प्रभाव में लिखा है ।उन्होंने मांग की है कि  मुख्यमंत्री तत्काल पीसी शर्मा को पद से बर्खास्त करें।

बता दे कि सहायक प्राध्यापक भर्ती परीक्षा 2017 को विधि मंत्री ने क्लीट चिट दी है। भोपाल में विधि मंत्री पीसी शर्मा से पीएससी चयनित सहायक प्राध्यापक संघ के पदाधिकारी मिलने पहुंचे। जहां उन्होंने भर्ती नियमों के बारे में बताया। जिसके बाद विधि मंत्री ने एसटीएफ को जांच संबंधी पत्र को निरस्त कर मामले पर क्लीन चिट दी।इसके लिए विधि मंत्री ने पूर्व में भर्ती प्रक्रिया की जांच के लिए एसटीएफ को पत्र लिखा था। जिस वजह से चयन प्रक्रिया में उत्तीर्ण अभ्यार्थियों को नियुक्ति नहीं मिल पा रही थी। अब विधि मंत्री ने इस मामले में एसटीएफ को दोबारा पत्र लिखकर मामले की जांच संबंधी पूर्व में जारी पत्र को निरस्त करने के लिए पत्र लिखा। जिसके बाद से ही मंत्री की कार्रवाई पर सवाल खड़े हो रहे है।




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