एमपी अजब है: अब शिक्षकों पर फेरों की जिम्मेदारी

सीहोर।

मध्यप्रदेश के सीहोर जिले के नसरुल्लागंज में सोमवार 17 जून को जनपद पंचायत के तत्वाधान में मुख्यमंत्री कन्यादान एवं विकास योजना के अंतर्गत सामूहिक विवाह एवं निकाह सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। सम्मेलन को लेकर जनपद पंचायत द्वारा तैयारियां शुरु कर दी गई हैं।यह सम्मेलन  शासकीय उत्कृष्ट स्कूल मैदान में आयोजित किया गया है। हैरानी की बात तो ये है कि इस सम्मेलन में शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। बकायदा इसके लिए प्रशासन ने आदेश भी जारी किए है। यह आदेश ना सिर्फ जिले बल्कि पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है। सोशल मीडिया पर भी लोग इसकी कॉपी अटैच कर एमपी अजब है गजब का स्लोगन दे रहे है।

दरअसल, सोमवार को सामूहिक विवाह सम्मेलन से पहले सीहोर के नसरुल्लागंज में प्रशासन का अजीबो-गरीब फरमान चर्चा का विषय बना हुआ है। इस आदेश के तहत विवाह सम्मेलन में शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। आदेश के अनुसार, शिक्षक दूल्हा-दुल्हन को ना सिर्फ फेरे दिलवाएंगे बल्कि हवन बेदी भी तैयार करने वाले में हाथ बटाएंगें। इसमें करीब 25  शिक्षको शामिल किया गया है, जिसमें पांच शिक्षको मंत्रोत्तचार के लिए रखा गया है वही बाकियों को फेरो समेत अन्य रस्मों के लिए कहा गया है।

इसके लिए भूपेश शर्मा, बीआरसीसी नसरुल्लागंज और रमेश चंद्र पांडे शिक्षक मा.शा. गिल्लौर को प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया गया है।ये दोनों सभी शिक्षकों को उनके काम के बारे में बताएंगें। सुबह 9  बजे इन सभी को आने को कहा गया है। इसके बाद बेदी से लेकर विवाह की जिम्मेदारियों सभी को बांटी जाएगी।पूरे जिले में यह आदेश चर्चा का विषय बना हुआ है।इस आदेश का विरोध उठना भी शुरू हो गया है। कई शिक्षकों ने इसके खिलाफ आवाज उठानी शुरू कर दी है। बता दें पहले ही परीक्षाओं में ड्यूटी लगने से शिक्षक परेशान होते रहते हैं। वहीं अब उनकी शादी समारोह में ड्यूटी लगाई गई है।हालांकि बढते विरोध के बाद अनुविभागीय अधिकारी ने आदेश निरस्त कर दिया। उल्लेखनीय है कि दो साल पहले सिंगरौली के तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी आरके दुबे ने शिक्षकों की सामूहिक विवाह कार्यक्रम में खाना परोसने से लेकर अन्य व्यवस्थागत काम करने की ड्यूटी लगाई थी।




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