कमलनाथ के 'छिंदवाड़ा मॉडल' पर शिवराज ने उठाए सवाल

झाबुआ।

झाबुआ में बीजेपी प्रत्याशी भानू भूरिया के समर्थन में प्रचार करने पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज आज कमलनाथ सरकार पर जमकर बरसे और  छिंदवाड़ा मॉडल पर एक के बाद एक कई सवाल उठाए। शिवराज ने कहा कि बाल बाल बचे हैं नहीं तो वो एक सीट भी  खाते में नहीं आती। काहे का मॉडल है, कोई मॉडल ही नहीं है । क्या यह मॉडल है कि मुख्यमंत्री जनता के दुख दर्द में कहीं दिखते नहीं है, आते नहीं है, लोगों से मिलते नहीं है ।क्या यह मॉडल है सरकार का कि एक मंत्री कह रहे हैं कि ट्रांसफर में कुछ पैसे दे भी दे तो दिक्कत क्या है। क्या यह मॉडल है कि एक मंत्री चंबल ग्वालियर संभाग में टीआई के रेट 50, 60 लाख बता रहे हैं। अरे कम से कम पहले मंत्री मिलकर बैठकर रेट ही तय कर ले ।

शिवराज ने आगे कहा कि कांग्रेस के नेता और मंत्रियों के पास इतना भी समय नहीं है कि किसानों के खेतों में जाये, बर्बाद फसलों को देखे और मुआवजा दिलाने की पहल करे। भाजपा की सरकार होती तो अब तक खातों में पैसा पहुंच गया होता।यह सरकार भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी है। मैं नहीं कांग्रेस के ही मंत्री कह रहे हैं कि बिना लिये-दिये ट्रांसफर पोस्टिंग नहीं हो सकती है। कांग्रेस ने मेरे प्रदेश को तबाह और बर्बाद कर दिया है

कमलनाथ से पूछा सवाल

शिवराज ने कहा कि क्या कमलनाथ आप यह चाहते हो कि मेरे प्रदेश के बच्चे पढ़-लिख न सकें। ये अनपढ़ रहें और मजदूरी करें ? आज शिवराज आपसे सवाल पूछता है कि आपने मेधावी विद्यार्थी योजना क्यों बंद की।मैं गरीबों को अंत्येष्टि के लिए 5 हजार रुपया देता था, वह भी इस सरकार ने बंद कर दिया। इस सरकार ने गरीबों का अधिकार छीनने का काम किया था। गरीबों के साथ अन्याय करने वाली इस सरकार को वोट मांगने का हक नहीं है।

अलग अलग गुटों में बंटी कांग्रेस

अंतर्कलह और गुटबाजी को लेकर शिवराज ने कहा कि मध्यप्रदेश में कहीं दिग्विजय सिंह कांग्रेस, कहीं ज्योतिरादित्य कांग्रेस, कहीं अजय सिंह कांग्रेस बन गई है। ऐसे गुटों में बंटी कांग्रेस पार्टी भाजपा का क्या मुकाबला करेगी। 

सड़कों पर लड़ूंगा भाई-बहनों की लड़ाई

शिवराज ने कहा कि सत्ता का ऐसा दुरुपयोग कभी न्यायोचित नहीं कहा जा सकता है, भाजपा ने कभी नहीं किया। जनता जब अपनी पर आती है, सत्ता का कैसा भी दुरुपयोग सरकार कर ले काम नहीं आता है। मुख्यमंत्री पद का तो आना-जाना है, लेकिन मामा का रिश्ता तो जिंदगी भर रहेगा। मामा को कमजोर मत समझना, कमलनाथ जी और कांतिलाल जी सुन लें कि अपने कमजोर भाई-बहनों के हक की लड़ाई सड़कों पर लड़ूंगा।

फसलों का किया अवलोकन

इस दौरान शिवराज ने बाढ़ और अतिवृष्टि से बर्बाद हुई फसलों का अवलोकन किया और न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। वही ग्रामीणों से मिलकर उनकी समस्या सुनकर शीघ्र समाधान कराने का भी आश्वासन दिया।



"To get the latest news update download tha app"