शीतकालीन सत्र से पहले प्रह्लाद लोधी को एक ओर झटका

भोपाल| मध्य प्रदेश में बर्खास्त भाजपा विधायक प्रह्लाद लोधी की सदस्यता को लेकर सियासत गर्म है| एक तरफ जहां भाजपा हर हाल में लोधी को शीतकालीन सत्र में विधानसभा ले जाना चाहती है, वहीं विधानसभा सचिवालय ने सदस्यता रद्द करने के बाद अब विधायकों को मिलने वाले अधिकार और सुविधाओं को भी बंद कर दिया है| सचिवालय ने प्रह्लाद के नाम को विधायकों की सूची से हटा दिया गया है। साथ ही उनके एकाउंट को ब्लॉक करने की तैयारी की जा रही है। अब वे ऑनलाइन सवाल नहीं पूछ सकेंगे, वहीं शीतकालीन सत्र के लिए उनके लिखित सवालों को भी विधानसभा मान्य नहीं करेगा। विधानसभा अध्यक्ष द्वारा लोधी की सदस्यता समाप्त किए जाने की बाद विधानसभा सचिवालय ने यह कदम उठाया है। उन्हें न सत्र की सूचना भेजी और न ही सवाल पूछने की अनुमति दी गई है| 

विशेष न्यायालय द्वारा लोधी को दो साल की सजा सुनाए जाने के मामले में लोधी को हाई कोर्ट से राहत जरूर मिली है, लेकिन सदस्यता को लेकर अब भी संशय है| सदस्यता बहाली को लेकर जहां भाजपा और कांग्रेस के बीच जंग जारी है, वहीं मामला सुप्रीम कोर्ट पहुँच चुका है| राज्य सरकार ने एडवोकेट जनरल की ओर से सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की है। दायर याचिका में सरकार ने हाई कोर्ट से प्रह्लाद लोधी की सजा पर लगाई रोक को हटाने की मांग की है। वहीं लोधी की ओर से भी केविएट दायर की गई है| इधर विधानसभा सचिवालय ने विधायकों की सूची से लोधी का नाम हटा दिया है| 

सूत्रों के मुताबिक विधानसभा सचिवालय ने लोधी को विधायकों की सूची से हटा दिया है। 8 नवम्बर को जारी हुई मानसून सत्र की अधिसूचना अन्य विधायकों को तो भेजी गई लेकिन सचिवालय ने इन्हें नहीं भेजी। सचिवालय इनसे कोई पत्र व्यवहार भी नहीं कर रहा है। वहीं अब उनके वेतन भत्ते अन्य सुविधाएं बंद किए जाने की तैयारी है। वर्तमान में लोधी को अन्य विधायकों की तरह एक लाख 20 हजार वेतन भत्ते मिलते हैं। विधानसभा सचिवालय ने इनका वेतन जारी नहीं करने के निर्देश संंबंधितों को दिए हैं।    

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