अफसरों की लापरवाही, शादी के 9 दिन बाद भी दुल्हन ना ससुराल जा पा रही ना मायके

ग्वालियर।

बाल विवाह संदेह में शादी के मंडप से विदाई से पहले उठाकर थाने लाई गई एक दुल्हन सरकारी अफसरों की लापरवाही के चलते 9 दिन से वन स्टॉप सेंटर में अंजान लोगों के साथ रह रही है। उम्र का निर्धारण नहीं हो पाने के कारण ना वो मायके जा पा रही है और ना ससुराल । 

जानकारी जी अनुसार नाबालिग की शादी की शिकायत पर महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी 8 जुलाई की सुबह नदी पार टाल में एक शादी समारोह में पहुँच गए यहाँ मंडप में विदाई की रस्म चल रही थी। अधिकारियों के कहने पर थाटीपुर थाना पुलिस दूल्हा  दुल्हन को थाने ले आई । पुलिस और महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों ने जब दुल्हन के परिजनों से उसकी उम्र का प्रमाण मांगा तो वे प्रस्तुत नहीं कर पाए। उसके बाद पुलिस ने उसका मेडिकल कराया जिसमें उसकी उम्र 17 से 18 प्लस माइनस वन बताई गई । यानि ये स्पष्ट नहीं हो सका कि दुल्हन बालिग है या नाबालिग। उसके बाद दुल्हन को वन स्टॉप सेंटर भेज दिया गया और तभी से वो वहीं हैं। 

इस पूरी प्रक्रिया में महिला एवं बाल विकास विभाग और महिला सशक्तिकरण अधिकारी की गंभीर लापरवाही सामने आई है। पूरी प्रक्रिया में जेजे एक्ट का भी पालन नहीं किया गया। एक्ट में ऐसे मामलों की जानकारी 24 घंटे में बाल कल्याण समिति को देनी होती है लेकिन इसका भी पालन नहीं हुआ। समिति ने 11 जुलाई को मीडिया रिपोर्ट को आधार बनाकर पुलिस और वन स्टॉप सेंटर प्रभारी को नोटिस देकर पीड़िता को समिति के समक्ष पेश करने के निर्देश दिए लेकिन इसको भी सभी ने हवा में उड़ा दिया। और दुल्हन की सही उम्र का पता लगाने के लिए उसे अभी तक मेडिकल बोर्ड के सामने पेश नहीं किया जा सका है। 

जिला महिला सशक्तिकरण अधिकारी शालीन शर्मा ने एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ से बात करते हुए कहा कि हमें लोक अभियोजक। से अभिमत लिया था चूँकि पहली मेडिकल रिपोर्ट में आयु स्पष्ट नहीं थी इसलिए अब दुल्हन को मेडिकल बोर्ड के सामने आज पेश किया जा रहा है। एक दो दिन में रिपोर्ट आ जाएगी और यदि दुल्हन नाबालिग निकलती है तो उसे बालिका गृह में ही रहना होगा और उसके परिजनों के खिलाफ बाल विवाह कानून के तहत मुकदमा चलेगा और उनकी गिरफ़्तारी होगी। बहरहाल जो प्रक्रिया 9 दिन बाद अपनाई गई उसे जल्दी पूरा कर लिया जाता। इससे स्पष्ट होता है मामला चाहें कितना भी गंभीर या संवेदनशील हो सरकारी अधिकारी अपना रवैया नहीं बदल सकते।

"To get the latest news update download tha app"